रोजाना 2 कप चाय पीकर 34 सालों से ज़िन्दा हैं ये साध्वी!

Updated on 24 Aug, 2017 at 3:05 pm

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भूख किसे नहीं लगती और कौन है जो बीमार नहीं पड़ता? हम सभी को भूख लगती है और मौसम-बेमौसम बीमार भी पड़ते ही हैं। लेकिन एक साध्वी हैं कि जिन्हें न भूख लगती है और न ही वह बीमार पड़ती है। या यूं कहें कि उन्होंने भूख और रोग पर विजय प्राप्त कर ली है तो सही होगा।

श्वेतांबर जैन खरतरगच्छ समुदाय की साध्वी विमलायशाश्रीजी 34 सालों से मात्र 2 कप चाय पर ज़िंदा हैं। इनके लिए चाय ही जीने का आधार है। प्रतिदिन वे सुबह 8 बजे और दोपहर 12 बजे आहार के रूप में चाय लेती हैं। इस 2 कप चाय से उनके शरीर की जरूरत पूरी हो जाती है।

डॉक्टरों का कहना है कि 57 साल की साध्वी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। 2 कप चाय में इनके शरीर की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। जैन साध्वीजी का शरीर अल्पाहार का आदी हो गया है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती।


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साध्वी विमलायशाश्रीजी ने बताया कि 14 मई 1975 को उन्होंने जयपुर के प्रवर्तनीय विचक्षणाश्रीजी महाराज और विजेंद्रश्रीजी महाराज से दीक्षा ली। तब उनकी उम्र 15 साल की थी। दीक्षा लेने के 8 साल बाद उन्होंने एक दिन आजीवन व्रत का प्रण ले लिया। साध्वी की दिनचर्या एकदम सामान्य है, जिससे कि उन्हें अधिक ऊर्जा की जरूरत नहीं पड़ती।

अखिल भारतीय श्वेतांबर जैन महासंघ के सचिव, योगेंद्र सांड ने बताया कि उनको चिकनगुनिया हुआ था तो भी बिना इलाज के ही ठीक हो गया। एक बार दुर्घटना में पैर की हड्डी टूटी थी, वह भी अपने आप ठीक हो गई। लम्बे समय तक चाय पर रहने के कारण उनकी आंतें सिकुड़ गई हैं जिससे उन्हें भूख नहीं लगती।

बताया गया है कि साध्वी को 2 कप चाय से प्रतिदिन 1200-1400 कैलरी मिल जाती है, जो उनके शरीर के लिए पर्याप्त है। सिर्फ़ नमक की कमी रहती है, जिसके बिना उनका शरीर अनुकुलित हो गया है।

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