अब जादवपुर विश्वविद्यालय में लगे देश विरोधी नारे, अफजल गुरू का समर्थन

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Updated on 17 Feb, 2016 at 10:50 am

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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के बाद अब कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय में भी देश विरोधी नारे लगे हैं। JNU में देश विरोधी नारों का विवाद थम नहीं रहा, तो वहीं, मंगलवार देर शाम गिरफ्तार छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया के समर्थन में यहां छात्रों ने जुलूस निकाला।

इस जुलूस में देश विरोधी नारे तो लगाए ही गए, साथ ही अफजल गुरु और लश्कर आतंकी इशरत के समर्थन में भी नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के सभी संकायों के छात्रों ने हिस्सा लिया और उसमें नारे लगाये गये ‘अफजल बोले आजादी’, ‘गिलानी बोले आजादी’।


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रैली के दौरान नारे लगाए गए, फ्रीडम फ्रॉम आरएसएस, फ्रीडम फ्रॉम मोदी गवर्नमेंट, जब कश्मीर ने मांगी आजादी, मणिपुर भी बोली आजादी।

आज तक ने SFI की स्थानीय समिति के सचिव सामान्य राह के हवाले से कहा कि देशद्रोह के आरोप में कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए एक व्यापक आयोजन था।



वहीं, इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सौनक मुखोपाध्याय ने आरोप लगाया कि देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश की जा रही है।

विश्वविद्यालय में इस तरह के विरोध प्रदर्शन पर जहां तृणमूल कांग्रेस चुप्पी साध रखी है, वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस घटना की निन्दा की है।

वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता शमिक लहिरी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय को किसी प्रोटेस्ट ग्रुप से नहीं जोड़ा जा सकता।

गौरतलब है कि इससे पहले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में गत 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी के मौके पर कैंपस में देश विरोधी नारे लगाए गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने JNU छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था।

इस बीच, वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जादवपुर विश्वविद्यालय में लगे देशविरोधी नारेबाजी की निन्दा की है। सिंह ने कहा कि वामपंथी राजनीतिक दलों, कांग्रेस और ममता बनर्जी की सरकार को इस बारे में जवाब देना चाहिए।

वहीं, इस मुद्दे पर वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता मोहम्मद सलीम ने केन्द्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह जानना होगा कि आखिरकार देशविरोधी नारे लग क्यों रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में नागपुर वाले लोग बैठकर विश्वद्यालयों को सर्टिफिकेट दे रहे हैं कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन राष्ट्रद्रोही है।


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