इस तरह नीलम धवन बन गईं भारतीय आईटी इंडस्ट्री की साम्राज्ञी

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Updated on 9 Jan, 2016 at 2:04 pm

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एक महिला जन्म से ही अनेकानेक चुनौतियाँ साथ लेकर बड़ी होती है। अक्सर ये चुनौतियाँ उसके पेशेवर जीवन के विकासपथ को बाधित करती हैं। किन्तु कुछ ऐसी महिलायें भी होती हैं जो अपनी पारिवारिक और पेशेवर जिंदगी के मध्य परस्पर संबंध बनाते हुए गगनचुंबी ऊँचाइयों को स्पर्श कर जाती हैं।

ऐसी ही एक स्त्रीशक्ति हैं मशहूर आईटी कम्पनी Hewlett-Packard (hp) की मैनेजिंग एडिटर ‘नीलम धवन’, जो न केवल एक बड़े बिजनेस एंपायर की सर्वोसर्वा हैं अपितु एक सफल और जिम्मेदार पत्नी ,माँ और बहू भी हैं। दो बेटियों की माँ नीलम IT इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए एक आइकॉन हैं।

असफलताओं की सीढ़ी में चढीं सफलता की मंजिल

दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस से अर्थशास्त्र में स्नातक करने के बाद नीलम ने DU के ही फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज में MBA में दाखिला ले लिया। 1983 में MBA कम्प्लीट करने के बाद नीलम एक आम स्टूडेंट की तरह फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स बनाने वाली एशियन पेंट्स और हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसी कुछ कंपनीज में इंटरव्यूज दिए। जहाँ से उन्हें सिर्फ और सिर्फ निराशा का सामना करना पड़ा।

किसी विचारक ने कहा है की “मुक़द्दर खुद ही अपने रास्तों को खोज लेता है”.यह सिद्धांत नीलम पर भी लागू हुआ,उन्होंने HCL ज्वाइन कर लिया। 1986 में जब एचसीएल ने अपना PC बिजीबी मार्केट में रिलीज किया उस समय उसकी मार्केटिंग एक बहुत बड़ा चैलेन्ज था। इसे नीलम ने स्वीकार किया और उसे मार्केट में हिट करवाने में अपनी प्रमुख भूमिका निभायी।

अनुभवों ने दिलाया मुकाम

एचसीएल के 14 साल के अनुभव ने नीलम को मार्केटिंग वर्ल्ड की लगभग सारी बारीकियों से परिचित करा दिया। इस एक्सपीरियंस ने उन्हें स्वयं की ही प्रकृति प्रदत्त बेहतरीन प्रतिभा से रूबरू कराया। इसके बाद उन्होंने कुछ समय वाईस प्रेसीडेंट के रूप IBM में काम किया। परन्तु नीलम तो अब चैलेंजिंग टास्क में ज्यादा रूचि ले रही थी।


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इक्कीसवीं सदी के आरम्भ में जब टेक्नोलॉजी अपने प्रखरतम स्तर के नित नए आयाम बना रही थी। उसी समय 1999 में नीलम ने HP ज्वाइन किया हालाँकि यह सिर्फ एक बाह्य अनुबंध था। उसके बाद अमेरिका में पाँच वर्ष माइक्रोसॉफ्ट में चेयरमैन की भूमिका निर्वाहित करने के पश्चात 1 जुलाई 2008 को नीलम ने Hewlett-Packard (hp) के प्रबंध निदेशक के रूप में भारत वापसी की।

अपनी बेजोड़ मार्केटिंग प्रोफेशनल स्किल के कारण नीलम ने एचपी इंडिया को आईटी सॉल्यूशन में भी जबरदस्त हिट कराया।

परिवार को देती हैं विशेष अहमियत

अपनी व्यस्तम दिनचर्या के बीच नीलम अपने परिवार को पर्याप्त समय देती हैं। एक समय का खाना बनाने के साथ ही फैमिली और बच्चों के साथ समय बिताना उनके लिए किसी टास्क से कम महत्वपूर्ण नहीं है। परन्तु उनके इस प्रोफेशनल जीवन में उनकी सास नोशी धवन और पति अतुल धवन ने बेहद सहयोग प्रदान किया।

टीवीपुर की किसी सास से बिलकुल जुदा नीलम की सासू माँ ने उनकी सेकेण्ड प्रेगनेंसी के समय अपनी नौकरी छोड़ दी। पति अतुल धवन भी उनके साथ हमेशा कदमताल करते रहे।

खुले विचारों के साथ संतुलित जीवन है सफलता की कुंजी

नीलम धवन को फार्च्यून मैगजीन ने विश्व की 50 सबसे कामयाब महिलाओं में 37वें स्थान पर रखा है। इस सफलता को प्राप्त करने के पीछे नीलम का संतुलित जीवन भी एक प्रमुख कारण है।

नीलम को अच्छी ड्रेसिंग और एसेसरीज पहनने का काफी शौक है उनका मानना है की इससे उनमें आत्मविश्वास जागृत होता है। अपने खाली टाइम पर परिवार के लिए कूकिंग के साथ वो घूमना और पढना नहीं भूलतीं।

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