एक साथ 103 उपग्रह लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड बनाएगा ISRO, जानिए अभियान से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातें

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Updated on 6 Jan, 2017 at 11:00 am

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र (इसरो) एक साथ 103 उपग्रह लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। उपग्रहों की यह लॉन्चिंग फरवरी महीने में होने जा रही है। यह पहली बार है कि जब कोई देश इतनी बड़ी संख्या में उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ये उपग्रह आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश अंतरिक्ष केन्द्र से PSLV-C37 के जरिए प्रक्षेपित किए जाएंगे।

अंतरिक्ष की दुनिया में इसरो एक के बाद एक रिकॉर्ड बना रहा है। इससे पहले इसरो ने 24 सितंबर 2014 को पहली ही कोशिश में मंगलयान भेजकर मंगल की कक्षा में स्थापित कर दिया था। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड था। फरवरी का यह मिशन कामयाब होने की स्थिति में इसरो का सिर्फ ढाई साल के अंतराल में दूसरा रिकॉर्ड होगा।

इस रिपोर्ट में इसरो में लिक्विड प्रपल्सन सिस्टम्स सेन्टर के निदेशक एस सोमनाथ द्वारा एक साथ 100 से अधिक उपग्रहों की लॉन्चिंग की पुष्टि की गई है।

इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातों को हम यहां रखने जा रहे हैं।

1. इसरो एक साथ इतनी बड़ी संख्या में उपग्रहों की लॉन्चिंग कर खुद अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने जा रहा है।


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2. इससे पहले इसरो ने जनवरी महीने के आखिरी सप्ताह में 83 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने की बात कही थी। लेकिन इस योजना को फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल, 20 अन्य उपग्रहों को भी इसके साथ ही लॉन्च किया जाना है। इस तरह उपग्रहों की संख्या 103 होगी।

3. इस मिशन में अमेरिका, जर्मनी, इजराइल, नीदरलैन्ड, स्विटजरलैन्ड, फ्रान्स और कजाखस्तान के उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे। इस मिशन में 3 भारतीय उपग्रह में शामिल हैं।

4. सबसे अधिक अमेरिकी उपग्रह होंगे, जिन्हें वाणिज्यिक रूप से प्रक्षेपित किया जाएगा।

5. इससे पहले भारत 20 उपग्रह एक साथ लॉन्च कर चुका है। फिलहाल सबसे अधिक उपग्रह लॉन्च करने वाले देशों में भारत का नंबर तीसरा है। सबसे अधिक उपग्रह एक साथ लॉन्च करने का रिकॉर्ड रूस के नाम है।

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