एक साथ 20 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष भेजकर ISRO ने बनाया नया रिकॉर्ड

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Updated on 7 Jul, 2016 at 4:25 pm

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इंडियन स्पेस एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ओर से अंतरिक्ष की दुनिया में आज एक इतिहास रचा गया है।

ISRO ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से किए गए पीएसएलवी लॉन्च में एक साथ 20 सैटलाइट्स को भेजकर रिकॉर्ड कायम किया है। इस उपलब्धि के साथ ISRO ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

बता दें कि इससे पहले 2008 में ISRO ने एक साथ 10 सैटलाइट्स लॉन्च किए थे। हालांकि, सिंगल मिशन में अमेरिका 29 और रूस 33 सैटेलाइट एकसाथ लॉन्च कर चुके हैं। इसके बाद भारत तीसरे स्थान पर आता है।

इन 20 सैटलाइट्स में 13 अमेरिका, तीन भारत और चार उपग्रह कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के हैं। पीएसएलवी के साथ स्पेस में भेजे जाने वाले 20 सैटेलाइट का कुल वजन 1288 किलोग्राम है।

अपनी 36वीं उड़ान में पीएसएलवी-C34 कार्टोसैट-2 श्रृंखला के 727.5 किलो के सैटेलाइट के साथ 19 दूसरे सैटेलाइटों को अंतरिक्ष में लॉन्च किया। इस लॉन्च का सबसे प्रमुख उपग्रह 727 किलोग्राम वज़न का पृथ्वी की निगरानी करने वाला भारतीय ‘कार्टोसैट’ है, जो सब-मीटर रिसॉल्यूशन में तस्वीरें खींच सकता है।



इसके अलावा इसी लॉन्च में दो अन्य भारतीय सैटेलाइट्स, चेन्नई की सत्यभामा यूनिवर्सिटी का 1.5 किलो वजनी ‘सत्यभामासैट’ और पुणे के इंस्टीट्यूट का ‘स्वयम‘ भी अंतरिक्ष में भेजे गए।

‘कार्टोसैट-2’ सैटेलाइट से भेजी जाने वाली तस्वीरें वानस्पातिक या भूगर्भीय परिवर्तन के लिहाज से मददगार साबित होंगी।  वहीं ‘सत्यभामासैट’ ग्रीन हाउस गैसों की जानकारी जुटाएगा, और ‘स्वयम’ हैम रेडियो कम्युनिटी के लिए संदेश भेजेगा।

ISRO की इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर वैज्ञानिकों को बधाई दी।

इसरो अब तक लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 सैटलाइट्स लॉन्च कर चुका है। इसके ज़रिये उसने अब तक 660 करोड़ रुपए कमाए है।


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