इस्लामिक स्टेट का गढ़ बन रहा है पश्चिम बंगाल, आशिक अहमद के मामले में चार्जशीट अगले महीने

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Updated on 10 Jul, 2016 at 9:30 am

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अंतर्राष्ट्रीय अातंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के तार अब पश्चिम बंगाल से जुड़ रहे हैं। दरअसल, इसी साल मार्च महीने में इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया था।

इस संबंध में दुर्गापुर से 19 वर्षीय पोलिटेक्निक के छात्र आशिक अहमद को भी गिरफ्तार किया गया था। आशिक अहमद ने स्वीकार किया था कि वह इस्लामिक स्टेट से प्रभावित रहा है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, आशिक अहमद के खिलाफ चार्जशीट जुलाई महीने में दायर की जा सकती है।

हुगली के धनियाखाली का वाशिन्दा आशिक अहमद वर्धमान के एक गैरसरकारी पोलिटेक्निक में मेकेनिकल इन्जीयरिंग की पढ़ाई कर रहा था। 17 मार्च को हुई गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार 23 दिनों तक पूछताछ की गई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है।

आनन्दबाजार पत्रिका ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि आशिक अहमद हुगली के प्रभावी नेता की हत्या की फिराक में था। यही नहीं, वर्धमान और हुगली में कुछ स्थानों पर विस्फोट की साजिश भी रची जा रही थी।

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मुगलिस्तान की कवायद

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर महीने में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा सरीखे जिलों में इस्लामिक स्टेट से जुड़ने के लिए बांग्ला भाषा में पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में कहा गया था कि भारत के मुसलमानों के लिए मुगलिस्तान नामक आजाद देश बनाया जाएगा।



वर्धमान सहित राज्य के कई इलाकों में बांग्लादेश के आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के सक्रियता के सबूत मिलते रहे हैं। यही नेटवर्क इस्लामिक स्टेट को पसरने में मदद कर रहा है।

हाल ही में एक सर्वेक्षण में पता चला था कि श्रीनगर, गुवाहाटी और पुणे के चिंचवाड़ के बाद कोलकाता से सटा हावड़ा देश का चौथा ऐसा शहर है, जहां के युवा इस्लामिक स्टेट की वेबसाइट और उनके क्रियाकलापों में खास दिलचस्पी ले रहे हैं।

ये लोग 16 से 30 साल की आयुवर्ग के हैं।


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