इस इस्लामिक उपदेशक का दावा है कि रेप के लिए महिलाएं जिम्मेदार होती हैं

Updated on 24 Oct, 2017 at 11:36 am

सऊदी अरब के एक इस्लामिक उपदेशक का दावा है कि रेप के लिए महिलाएं जिम्मेदार होती हैं। अहमद बिन साद अल कुरानी नामक इस उपदेशक ने अपना मंतव्य ट्विटर पर प्रकाशित किया है। कुरानी का दावा है कि महिलाएं अपने उत्पीड़न व व्यभिचार के लिए खुद जिम्मेदार होती हैं। यही वजह है कि उन्हें रेप के लिए भी जिम्मेदार माना जाए।

कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक अहमद बिन साद अल कुरानी।

यही नहीं, कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक अहमद बिन साद अल कुरानी के मुताबिक महिलाएं पुरुषों की भावनाओं को रेप व उत्पीड़न के लिए भड़काती हैं। अपनी बात को सही साबित करने के लिए कुरानी ने एक विडियो भी पोस्ट किया है।

कुरानी कहता हैः

“यदि वह उसका रेप करता है, तो वह रोएगी। अल्लाह कसम, महिलाएं खुद उत्पीड़न और व्यभिचार का कारण है। इस विडियो में महिला को देखो, उसने गाड़ी चलाते हुए आदमी को रोक दिया और फिर उसके साथ गई।”

अपनी बात को सही साबित करने के लिए कुरानी कहता हैः

“एक महिला जो मेकअप और परफ्यूम लगाकर अपने घर से बाहर निकलती है, वह दरअसल व्यभिचारी है। एक अच्छी महिला जो किचन का काम करती है कभी इस तरह घर नहीं छोड़ेगी। पुरुषों को दोष मत दो।”

सऊदी अरब में कैन्सर पीड़ित बच्चों के लिए एक फंड रेजिंग कॉन्सर्ट के आयोजन को रद्द किए जाने के बाद इस पर विवाद शुरू हो गया है। इस कॉन्सर्ट में इजिप्ट की गायिका शेरिन अपनी प्रस्तुति देने वाली थीं। शेरिन के बारे में कहा जाता है कि वह बेहद गरीब परिवार से संबंध रखती हैं, लेकिन अपनी मेहनत की बदौलत आज उनकी गिनती धनी लोगों में होती है।

सऊदी अरब के प्रशासन ने दावा किया है कि इस कॉन्सर्ट के लाइसेन्स के लिए भेजे गए आवेदन में खामियां थीं, वहीं इसे रद्द करवाने के लिए इस्लामिक कट्टरपंथियों की जमात ने ट्विटर पर अभियान छेड़ रखा था। इस वजह से माना जा रहा है कि कट्टरपंथियों के दबाव में सऊदी प्रशासन ने इस कॉन्सर्ट की इजाजत नहीं दी थी।

हाल ही में सऊदी अरब में महिलाओं को गाड़ी चलाने की इजाजत मिली है।

सऊदी अरब में महिलाओं पर बड़ी पाबंदियां हैं। हालांकि, हाल ही में वित्तीय संकट से जूझ रही सऊदी अरब की सरकार ने कॉन्सर्ट व अन्य इन्टरटेन्मेन्ट कार्यक्रमों के आयोजनों का सिलसिला शुरू किया है। वहीं, महिलाओं को वाहन चलाने की आजादी दी है। हालांकि, रिफॉर्म की यह प्रक्रिया कट्टरपंथियों को पसंद नहीं आ रही है।

आपके विचार