कश्मीर पर पाकिस्तान को मिला 56 मुस्लिम देशों का साथ, भारत ने कहा न लें सब्र का इम्तिहान

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Updated on 21 Aug, 2016 at 4:12 pm

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कश्मीर के मुद्दे पर 56 मुस्लिम देशों ने पाकिस्तान के साथ एकजुटता दिखाई है। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने कहा है कि कश्मीर भारत की अंदरुनी मसला नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों के उल्लंघन का अंतरराष्ट्रीय मामला है।

ओआईसी दरअसल, इस्लामिक देशों का सबसे बड़ा संगठन है। इसके 57 सदस्य देश हैं।

इस संगटन के महासचवि इयाज मदनी ने शनिवार को नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज से बातचीत के बाद कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीर में दखल देना चाहिए।

मदनी ने अजीज के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में बिगड़ते हालात को देखते हुए यहां जनमत संग्रह होना चाहिए। भारत की तरफ इशारा करते हुए मदनी ने कहा कि कश्मीर में जनमत संग्रह के नाम पर कोई डर क्यों रहा है।


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मदनी ने कश्मीर में शांति और स्थिरता के लिए जनमत संग्रह को ही एकमात्र रास्ता बताया। उन्होंने कश्मीर में कथित मानवाधिकार के हनन का मसला भी उठाया।

वहीं, दूसरी तरफ भारत ने इस मसले पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में कहा है कि पाकिस्तान उसके सब्र का इम्तिहान न ले। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए, नहीं तो बड़ी कीमत चुकानी पड़ जाएगी।

माना जा रहा है कि पिछले 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बलूचिस्तान का मसला उठाए जाने से पाकिस्तान परेशान हो गया है और अब मुस्लिम देशों से समर्थन मांग रहा है।

बलूचिस्तान में पाकिस्तान का विरोध तेज हो गया है। यहां शनिवार को हजारों लोगों ने भारत के समर्थन में नारे लगाए और पाकिस्तानी झंडा जलाया।

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