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राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी थे सरदार वल्लभ भाई पटेल

Updated on 15 December, 2016 at 12:31 pm By



राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी सरदार वल्लभ भाई की आज 66वीं पुण्यतिथि है। इस अवसर पर हम यहां उनके जीवन से जुड़ी कुछ उन जानकारियों का जिक्र करने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप भी जानना चाहते होंगे।

1. सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था।

2. उन्होंने स्वाध्याय से मूल शिक्षा प्राप्त की थी। बाद में कानून की पढ़ाई के लिए लंदन गए।

3. बैरिस्टर बनने के बाद वह भारत लौटे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लिया।

4. स्वतन्त्रता आन्दोलन के अपने शुरुआती दिनों में सरदार पटेल ने गुजरात के खेड़ा में आन्दोलनकारियों का प्रतिनिधित्व किया। सूखे की चपेट में आए क्षेत्र के लिए उन्होंने अंग्रेज सरकार से कर में छूट की मांग की। पटेल को सफलता मिली और अंग्रेज झुके।

5. उन्होंने बारडोली कस्बे में सशक्त सत्याग्रह किया। इसके बाद उन्हें बारडोली का सरदार कहा गया। बाद में उन्हें सिर्फ सरदार कहा जाने लगा।

6. वर्ष 1937 तक उन्हें दो बार कांग्रेस का अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त हुआ।

7. सरदार पटेल न केवल पार्टी में, बल्कि जनता में भी लोकप्रिय थे। कांग्रेस पार्टी के अंदर उन्हें जवाहरलाल नेहरू का प्रतिद्वन्दी माना जाता था।

8. भारी लोकप्रियता के बावजूद गांधी की इच्छा का सम्मान करते हुए सरदार पटेल ने खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से दूर रखा।

9. बाद में उन्हें उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का कार्य सौंपा गया।

10. गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने बिना रक्त बहाए देसी रियासतों को भारत में मिला दिया।

11. एकमात्र हैदराबाद में ऑपरेशन पोलो के लिए भारत को सेना भेजनी पड़ी थी। वहां के निजाम ने आत्मसमर्पण कर दिया।

12. भारत के एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल के महान योगदान के लिए उन्हें लौह पुरूष के रूप में जाना जाता है।

13. वर्ष 1950 में उनका देहान्त हो गया।

14. सरदार पटेल की 137वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के तात्कालीन मुख्यमंत्री (अब प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में एक 93 मीटर ऊंची स्मारक का शिलान्यास किया।

15. पांच साल में बन कर तैयार होने वाली इस मूर्ति की लागत करीब 2500 करोड़ रुपए होगी।

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