ब्रिटेन में औद्योगिक क्रान्ति के जनक थे महान आविष्कारक जेम्स वाट

Updated on 25 Aug, 2017 at 4:36 pm

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स्टीम इंजन की खोज करने वाले जेम्स वाट स्कॉटिश खोजकर्ता, मैकेनिकल इंजिनियर और केमिस्ट थे। उन्हें ब्रिटेन में होनी वाली औद्योगिक क्रान्ति का जनक भी कहा जाता है। स्टीम इंजन का ज्यादातर इस्तेमाल ग्रेट ब्रिटेन और दूसरे देशो में हो रहा था। इस स्टीम इंजन ने उद्योग जगत में क्रांतिकारी बदलाव किए।

चलिए आपको बताते हैं जेम्स वाट की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें।

बचपन से बहुत गंभीर थे जेम्स

जेम्स वाट को बचपन में ही यह लगने लगा था कि वो आगे चलकर जरूर कुछ नया और सबसे अलग करेंगे। जेम्स वाट बचपन में बाकी बच्चों से अलग और गंभीर थे। वह खेल भी ऐसे खेलते थे, जिनमें उनकी गंभीरता साफ तौर पर प्रकट होती थी। कहा जाता है कि एक बार उनकी मां उन्हें चूल्‍हे के पास बैठाकर कोई काम कर रही थी। जेम्स चूल्‍हे पर रखी पानी के केटली को बहुत ध्यान से देख रहे थे। उन्होंने देखा की केतली में उबल रहे पानी का भाप बार-बार केतली के ढक्कन को उठा दे रहा है। उन्होंने केतली पर एक कंकर रख दिया फिर भी थोड़ी देर बाद ढक्कन उठ गया तभी उन्हें लगा कि जरूर भाप कोई ना कोई शक्ति है।

रोज स्कूल नहीं जाते थे

शुरुआत में जेम्स वाट रोजाना स्कूल भी नही जाते थे। शुरू में उनकी मां उन्हें घर पर पढ़ाती थी, लेकिन बाद में उन्होंने ग्रीनोक्क ग्रामर स्कूल जाना शुरू किया। स्कूल के दिनों में उन्होंने साबित कर दिया कि उनके अंदर इंजीनियरिंग और गणित के गुण अधिक हैं।


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बदल गई ज़िंदगी

अचानक मां की मौत और पिता को बिज़नेस में घाटा हुआ, जिससे जेम्स वाट की ज़िंदगी बदल गई। उन्हें अपरेंटिस का काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद पेट भरने के लिए एक घड़ी निर्माता के यहां काम करने के साथ कई छोटे-मोटे काम भी करने पड़े। 1757 में जेम्स ने अपनी छोटी-सी वर्कशॉप बना ली, जिसमें वह यान्त्रिक उपकरण ठीक करने लगे। इसी बीच, उन्हें गुप्त ताप की खोज की घटना के बाद भाप सम्बन्धी शक्ति का ध्यान हो आया।

उन्हीं दिनों विश्वविद्यालय में एक धीरे-धीरे काम करने वाला अधिक ईधन लेने वाला एक इंजन मरम्मत के लिए आया। जेम्स ने इसे सुधारने का बीड़ा उठाया और उन्होंने उसमें लगे भाप के इंजन में एक कण्डेन्सर लगा दिया, जो शून्य दबाव वाला था। इस वजह से पिस्टन सिलेण्डर के ऊपर नीचे जाने लगा। पानी डालने की जरूरत उसमें नहीं थी। शून्य की स्थिति बनाये रखने के लिए जेम्स ने उसमें एक वायु पम्प लगाकर पिस्टन की पैकिंग मजबूत बना दी। घर्षण रोकने के लिए तेल डाला तथा एक स्टीम टाइट बॉक्स लगाया, जिससे ऊर्जा की क्षति रुक गयी। इस तरह वाष्प इंजन का निर्माण करने वाले जेम्स वाट पहले आविष्कारक बने।

महान वैज्ञानिक

आज पूरी दुनिया जिन वैज्ञानिकों की खोज का सर्वाधिक उपयोग करता है, जेम्सवाट उन महान वैज्ञानिको मे एक हैं। जब संपूर्ण विश्व ऊर्जा के किसी मजबूत एवं कारगर स्रोत की तलाश में था तब इन्होंने भाप इंजन के स्वरुप में परिवर्तन करके उसे सर्वाधिक उपयोगी बनाने का कार्य किया। आधुनिक विश्व जिस औद्योगिक क्रांति के महानतम दौर से गुजर कर वर्तमान तक आया है उस औद्योगिक क्रांति का आधार ही जेम्स वाट के आविष्कारों पर टिका था। जेम्स वाट ने ही पहली बार यह प्रतिपादित किया कि भाप में बहुत शक्ति है और अगर उसे समायोजित कर एक निश्चित केंद्र-बिंदु पर प्रशिक्षित किया जाए तो उससे प्राप्त होने वाली शक्ति से बड़ी से बड़ी मशीनें चलाई जा सकती है।


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