5 तरीकों से जानिए अंतरंगता और सेक्स के मामले में कितने अलग होते हैं महिलाएं और पुरुष

Updated on 10 Jul, 2018 at 11:02 am

महिलाएं और पुरुष एक-दूसरे से कितने अलग होते हैं, यह बहुत पुराना बहस का मुद्दा है। आगे भी इस पर बहस चलती रहेगी। दोनों की आवश्यकताएं, चाहतें और सोचने के तरीके बिल्कुल अलग होते हैं। इसके अलावा भी दोनों में बहुत सी चीजें अलग होती हैं। जहां तक रिलेशनशिप की बात है, तो महिलाएं जहां गहरा और अर्थपूर्ण रिश्ता चाहती हैं, वहीं पुरुषों के लिए किसी का साथ ही काफी होता है। इसके अलावा पुरुषों के लिए जहां अंतरंगता और सेक्स एक ही चीज होती है, वहीं महिलाओं के लिए दोनों के मायने अलग होते हैं।

 

1. भावनात्मक अंतरंगता

 

जहां तक सेक्सुअल इंटीमेसी यानी यौन अतरंगता का सवाल है, तो पुरुषों के लिए पहले यौन अंतरंगता आती है और उसके ज़रिए ही वो भावनात्मक रूप से किसी से जुड़ पाते हैं, जबकि महिलाओं के मामले में यह उल्टा है। वो पहले किसी से भावनात्मक रूप से जुड़ती हैं फिर सेक्सुअली। यानी उनके लिए भावनात्मक अंतरंगता ज़्यादा महत्वपूर्ण है।

 

 

2. अतरंगता या सेक्स

 

यदि पुरुषों से कभी पूछा जाए कि वो अपने साथ से प्यार भरी बातें करना ज़्यादा पसंद करेंगे या फिर ऐसा कोई काम जिसके जरिए वो साथी के करीब जा सकें और यौन संबंध बना सकें। जाहिर है वो दूसरा विकल्प पसंद करेंगे, जबकि महिलाओं को साथी से प्यार भरी बातें करना ज्यादा पसंद है, इससे वो अपने पार्टनर से अधिक जुड़ाव महसूस करती हैं। दरअसल, पुरुषों के लिए सेक्स और अतरंगता एक ही चीज़ है, जबकि महिलाओं के लिए ये अलग है। वो पहले साथी से दिल से जुड़ना चाहती हैं फिर शरीर से।

 

 

3. शारीरिक संबंध या भावनात्मक जुड़ाव

 

पुरुषों के लिए सेक्स बस एक शीरीरिक ज़रूरत भर है, जबकि महिलाओं के लिए ये भावनात्मक जुड़ाव। तभी तो किसी से भावनात्मक रूप से जुड़ने के बाद ही महिलाएं उससे शारीरिक संबंध बनाती हैं।

 

 

4. बातचीत या एक्टिविटीज़

 

अंतरंग पलों महिलाएं जहां बातों के ज़रिए पार्टनर के करीब आना चाहती हैं वहीं पुरुषों को कुछ रोमांचक खेल या कोई अन्य गतिविधियां पसंद आती हैं। महिलाओं के लिए पार्टनर की आंखों में आंखें डालकर बात करना रोमांटिक होता है, जबकि पुरुषों के लिए ऐसा नहीं होता।

 

 

5. टेस्टोस्टेरोन या एस्ट्रोजन

 

पुरुषों के लिए अंतरंगता का मतलब होता है कंफर्ट यानी आराम। मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन इसके लिए ज़िम्मेदार है, जिसकी वजह से पुरुष प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों जैसे बहस आदि को अंतरंगता  से जोड़ते हैं, जबकि महिलाओं की इंटीमेसी के लिए एस्ट्रोजन हार्मोन जिम्मेदार हैं। इसकी वजह से महिलाएं ज़्यादा सामाजिक होती हैं और किसी से जुड़ने के लिए उसके साथ वक्त बिताना और उसके लिए कुछ आयोजन करना उन्हें अच्छा लगता है।

 

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