सचिन तेंदुलकर के बारे में नहीं जानते होंगे ये 12 दिलचस्प बातें

Updated on 5 Sep, 2018 at 7:29 pm

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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर हाल ही में 45 साल के हुए। सचिन बहुत कम उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. चलिए आपको बताते हैं सचिन के बारे में कुछ दिलचस्प बातें।

 

 

1. सचिन तेंदुलकर अब भले ही बहुत शांत और संयत दिखते हैं, मगर बचपन में वो ऐसे नहीं थे, स्कूल में अक्सर बच्चों के साथ उनका झगड़ा हो जाता था।

 

 

2. सचिन के पिता आरडी बर्मन के बहुत बड़े फैन थे, इसलिए उन्होंने सचिन का नाम रखा था सचिन देव बर्मन।

 

 

3. सचिन के कोच रमाकांत आचरेकर ने ही उनके बेहतरीन खेल को देखकर उन्हें शारदा विद्या आश्रम जाने की सलाह दी, जहां से अच्छे खिलाड़ी बनकर निकलते हैं। 1988 में एक कॉलेज टूर्नामेंट के दौरान सचिन ने विनोद कांबली के साथ मिलकर 664 रन बनाए थे।

 

 

4. शुरुआत में सचिन क्रिकेट गेयर के साथ ही सो जाते थे। खेल को लेकर हो हमेशा से बहुत अंधविश्वासी थे, वो हमेशा अपना बायां पैड पहले पहनते थे और हमेशा ड्रेसिंग रूम में एक ही पोज़ीशन में बैठते थे।

 

 

5. सचिन सुनील गावस्कर से बहुत प्रभावित थे। जब सचिन जूनियर बेस्ट क्रिकेटर का अवॉर्ड नहीं जीत पाए थे, तो मायूस हो गए थे। उन्हें उदास देखकर गावस्कर ने उन्हें अपना अल्ट्रा लाइट पैड गिफ्ट कर दिया, जो सचिन के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं था।

 

 

6. 1987 विश्व कप के सेमी फाइनल मैच के दौरान सचिन ग्राउंड में तो थे, मगर बॉल देने वाले एक सामान्य लड़के के रूप में।


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7. सचिन 1987-88 में रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए सिलेक्ट तो हुए, मगर वो कभी खेल नहीं पाए, क्योंकि उनका नाम 11 खिलाड़ियों की लिस्ट में कभी आया ही नहीं।

 

 

8. सचिन तेंदुलकर टेस्ट डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। जब उन्होंने कराची में पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच खेला था तब उनकी उम्र सिर्फ 16 साल थी।

 

 

9. आपको सुनकर शायद हैरानी हो, मगर सचिन की पहली कार थी मारुती 800। आज सचिन के पास लग्ज़री गाड़ियों की लाइन लगी है। उन्हें गिफ्ट में एक फरारी भी मिली है।

 

 

10. सचिन का पहला विज्ञापन था बूस्ट (पीने वाला पाउडर) का जिसमें वो कपिल देव के साथ नज़र आए थे।

 

 

11. वर्ष 1996 के विश्व कप के दौरान सचिन के बैट का कोई स्पॉन्सर नहीं था, लेकिन टूर्नामेंट के दौरान जब सचिन धड़ाधड़ रन बनाने लगे, तो एमआरएफ सचिन के बैट का स्पॉन्सर बन गया और तब तक बना रहा जब तक सचिन ने एडिडास के साथ डील साइन नहीं की।

 

 

12. 1995 में सचिन ने जब वर्ल्ड टेल के साथ समझौता किया था, उस वक़्त वो देश के सबसे अमीर क्रिकेटर बन गए थे।

 

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