Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

पैरों से लिखने वाली इस अनोखी टीचर की कहानी जान कर आप सलाम किए बिना नहीं रह सकेंगे

Updated on 21 April, 2017 at 6:20 pm By

बिहार के एक परिवार में जब यह लड़की पैदा हुई थी, तो लोगों ने परिवार वालों को सलाह दी थी कि इसे मार डालो, ऐसी बेटी किसी काम की नहीं है। लोगों की नज़र में उसका जो गुनाह था, उससे वह खुद अंजान थी। दरअसल वह शारीरिक रूप से अक्षम थी।

मैं उस घर की परिस्थिति को भली-भांति समझ सकता हूं। समझ सकता हूं कि कैसे प्रकृति के इस मज़ाक को वह परिवार और नन्ही बेटी रोजाना झेलती होगी, लेकिन कुदरत ने शायद उस बेटी के लिए कुछ और ही सोच रखा था। उसके घरवालों ने उसे नहीं मारा। वही बच्ची जिसे अपने सपने पूरे करने के लिए घर की चौखट पार करने में भी मुश्किल होती थी, आज टीचर है। आज वही बच्ची छोटे बच्चों को पढ़ाती है और उनमें हौसला भरती है कि अगर तुम उड़ना चाहो तो परों की भी ज़रूरत नहीं है।

बसंती कुमारी नाम की इस लड़की के जन्म से ही दोनों हाथ नहीं थे। इस वजह से उसके घर वालों ने उसे स्कूल भेजना भी मुनासिब नहीं समझा।


Advertisement

लेकिन बसंती के ललक के आगे घर वालों की एक न चली। उसने अपनी मां से पढ़ने के लिए बहुत मिन्नतें की, तब जाकर उनकी मां ने 6 साल की उम्र में उसे स्कूल भेजा। हालांकि बसंती को पढ़ाई में समस्या आती थी, लेकिन यह उसका ज़ज़्बा ही था कि कुछ ही दिनों में बसंती ने अपने पैरों से लिखना सीख लिया।

एक बेटी होकर पूरे किए बेटे के सारे कर्तव्य



बसंती की ज़िद रंग लाई और अच्छे नंबर से उसने दसवीं की परीक्षा पास कर ली। अब ज़िंदगी के आगे यह चुनौती थी कि इस दकियानूसी समाज में खुद को स्थापित करे। उसे यह साबित करना था कि वह अपने परिवार पर सिर्फ़ एक बोझ नहीं है।

तब बसंती छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी और उसके बाद उसे रोड़ाबंद सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी मिल गई। आज वह हजारों बच्चों को पढ़ाती है। जब उसके पिता रिटायर हुए थे, तब परिवार के सदस्यों का पेट पालने और बड़ी बहन के शादी की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी, जिसे उसने बखूबी निभाया और यह साबित कर के दिखाया कि बेटियां बेटों से एक कदम भी पीछे नहीं हैं।

प्रैक्टिस और संतुलन के दम से हरा दिया विकलांगता को

बसंती कीं कहानी हमें बताती है कि भले ही ज़िंदगी एक चुनौती ही क्यों न हो, अगर प्रैक्टिस और संतुलन रखा जाए तो आप हर कमज़ोरी को मात दे सकते हैं। जब बसंती का शिक्षक के रूप में चयन हुआ था, तो ब्लैकबोर्ड पर लिखना उसके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन बसंती ने इसे सहजता से स्वीकारा।

आज वह ब्लैकबोर्ड पर अपने पैरों से सिर्फ़ लिख ही नहीं लेती बल्कि बच्चों की कॉपियां पैरों से जाचने के अलावा और भी रोजमर्रा के कार्य बड़ी आसानी से कर लेती है।


Advertisement

अब आप ही बताइए कौन कहता है कि बिना परों के उड़ान नहीं भरी जा सकती। बिना पैरों के मंज़िल नहीं पाई जा सकती। रास्ते कितने भी कठिन और चुनौतीपूर्ण ही क्यों न हो, अगर आपमें कुछ कर-गुजरने का ज़ज़्बा है, तो बस निकल चलिए सफ़र में। कामयाबी आपका इंतज़ार कर रही है

Advertisement

नई कहानियां

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!


जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका

जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका


प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें


ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं

ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं


Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं

Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Education

नेट पर पॉप्युलर