गर्भ के 22वें सप्ताह में जन्मा यह बच्चा अजूबा है, विशेषज्ञ इसे चमत्कार कह रहे हैं

Updated on 24 Sep, 2017 at 4:55 pm

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यह एक चमत्कार ही है कि 22वें सप्ताह में जन्मा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। उसके पास सामान्य दिमाग, दृष्टि, सुनने की शक्ति और विकास के लिए जरूरी तत्व हैं, जिससे डॉक्टर भी आश्चर्यचकित हैं। यह बच्चा डॉक्टरों के लिए अबूझ पहेली सा बन गया है।

अमूमन नौ महीने गर्भ में रहने के बाद शिशु विकसित होते होते हैं और वो जन्म लेकर स्वस्थ जीवन व्यतीत कर पाते हैं। हालांकि, नवजात ‘निर्वाण’ पूर्ण-विकसित बच्चा है, जिसे सूर्या हॉस्पिटल में एनआईसीयू में 132 दिनों तक रखा गया। मुंबई का यह बच्चा मात्र 22वें सप्ताह में ही मां के पेट से बाहर आ गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि 24वें सप्ताह से पहले जन्में बच्चों की सर्वाइवल का औसत महज 0.5 फीसदी ही होता है। जबकि, 40वें सप्ताह में डिलीवरी फुल टर्म डिलीवरी कहलाती है। भारत में केवल एक प्रतिशत बच्चे का ही जन्म 28वें हफ्ते में होता है। फिलहाल, 22वें हफ्ते में जन्म लेने वाला यह बच्चा स्वस्थ है, जिससे उसके माता-पिता भी आश्चर्य में हैं।


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डॉक्टरों के अनुसार, निर्वाण की देखरेख में 14 डॉक्टरों की एक टीम लगी थी। 12 मई 2017 को जन्में इस 22 सप्ताह के बच्चे का वजन मात्र 610 ग्राम था। शिशु की लंबाई 32 सेमी और सर का आकर 22 सेमी था।

सूर्या अस्पताल के चाईल्ड केयर के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र अवस्थी ने कहाः”निर्वाण के शरीर के कई हिस्से विकसित नहीं थे। लिहाजा इसे 12 सप्ताह के रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर रखा गया, जिनमें 6 हफ्ते वेंटिलेटर सपोर्ट में रखा गया। साथ ही कई प्रकार की दवाएं भे दी गई।”

मेडिकल रिपोर्ट्स की मानें तो 22 सप्ताह के बच्चे ज्यादातर मरे हुए अवस्था में जन्म लेते हैं। निर्वाण ठीक है और उसके सभी संग ठीक से काम कर रहे हैं। ये अपनी तरह का पहला मामला है, जब 22 हफ्ते का बच्चा स्वस्थ है।


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