भारत की इस मिसाइल ने किया है चीन को चिंतित, जानिए ब्रह्मोस के बारे में 10 खास बातें

author image
Updated on 24 Aug, 2016 at 3:45 pm

Advertisement

चीन की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए भारत सीमा पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों को तैनात कर रहा है। ब्रह्मोस की तैनाती से चीन चिन्तित है, आखिर क्यों? दरअसल, ब्रह्मोस की खासियत चीनी चिन्ता का शबब है।

आइए जानते हैं विध्वंसक ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की खास बातों को।

1. इसका नाम भारतीय ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मसक्‍वा नदी पर रखा गया है।

2. ब्रह्मोस मिसाइल 290 किलोमीटर तक के निशाने को ध्वस्त कर सकती है। खास बात यह है कि निशाने तक पहुंचने के वक्त तक इसकी उच्च सुपरसोनिक रफ्तार बरकरार रहती है।

slidesharecdn

slidesharecdn


Advertisement

3. इसे पनडुब्‍बी, पोत, एयरक्राफ्ट व जमीन कहीं से भी लांच किया जा सकता है। यह 200 से 300 किलोग्राम तक युद्धक सामग्री ले जा सकता है।

4. यह दुनिया का सबसे तेज पोत रोधी सुपरसोनिक मिसाइल है। इसकी स्‍पीड है 2.8-3.0 मैक।

5. ब्रह्मोस टू-स्‍टेज मिसाइल प्रणाली पर आधारित है। इसमें पहले चरण यानी ठोस प्रणोदक बूस्‍टर इंजन के माध्‍यम से सुपरसोनिक रफ्तार प्राप्‍त होती है और फिर यह अलग हो जाती है।

6. इस मिसाइल का विकास भारत और रूस के संयुक्त तत्वावधान में किया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस कंपनी की शुरूआत वर्ष 1998 में की गई थी।

7. इस कंपनी को शुरू किया गया था 250 मिलियन डॉलर की पूंजी के साथ। इसमें भारत की हिस्सेदारी 50.5 प्रतिशत और रूस की 49.5 प्रतिशत है।

8. ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल का वजन है 3 हजार किलोग्राम। लंबाई 8.4 मीटर और व्‍यास 0.6 मीटर है।

9. यह रूस की पी-800 ओनिक्‍स और वहां की इसी तरह की क्रूज मिसाइल तकनीक पर आधारित है।

10. हवाई हमलों के लिए फिलहाल सुपरसोनिक ब्रह्मोस-2 वर्जन की टेस्टिंग चल रही है।

googleusercontent

googleusercontent


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement