भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ी इस महिला ने जब हिला दी थी अंग्रेजों की सल्तनत

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Updated on 13 Aug, 2016 at 6:09 pm

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परबती गिरी नामक एक साधारण सी महिला ने अंग्रेजों की सल्तनत को हिला दिया था। 19 जनवरी 1926 को जन्मी पश्चिमी ओडिशा से ताल्लुक रखने वाली परबती गिरी भारत की प्रमुख महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं।

पश्चिमी ओडिशा की मदर टेरेसा कही जाने वाली परबती गिरी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

गिरी की ब्रिटिश सरकार विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें दो साल कारावास में रखा गया।

गिरी उस समय महज 16 साल की थीं, जब वह महात्मा गांधी की अगुवाई वाले भारत छोड़ो आंदोलन का एक अभिन्न सदस्य बनकर उभरी थीं।

गिरी ने वर्ष 1942 के बाद से बड़े पैमाने पर पूरे देश भर में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन के लिए अभियान चलाया।

देश को आजादी मिलने के बाद गिरी ने सामाजिक रूप से राष्ट्र की सेवा करने का कार्य जारी रखा। उन्होंने अपना बाकी जीवन अपने गांव के अनाथ बच्चों को अच्छा जीवन देने के लिए समर्पित कर दिया।

गिरी ने अपने गांव पैकमल में एक अनाथालय खोला जहां अनाथ बच्चों को आश्रय दिया गया और उनके भविष्य को संवारने का काम किया गया।


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