समुद्र में अदम्य साहस के लिए इस भारतीय महिला को मिल रहा है एक खास सम्मान

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Updated on 9 Jul, 2016 at 9:34 pm

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पांच साल पहले राधिका मेनन मर्चेंट नेवी में कैप्टन पद पर नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं। अब उनकी इस कामयाबी में एक और सितारा जुड़ने जा रहा है।

इस साल राधिका मेनन दुनिया की ऐसी पहली महिला बनने जा रही हैं, जिन्हें उनके समुद्र में अदम्य साहस के लिए अंतराष्ट्रीय मरीन ऑर्गनाईजेशन द्वारा सम्मानित किया जा रहा है। राधिका ने समुद्र में फंसे सात मछुआरों की जान बचाई थी, जिन्हें सही सलामत बचाना लगभग नामुमकिन हो गया था।

Radhika Menon

राधिका मेनन schiffsjournal


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पिछले साल जून में मछुआरों की एक नाव ‘दुरगम्मा’ आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा से ओडिशा के गोपालपुर जाते हुए समुद्री तूफान में बुरी तरह फंस गई थी। मछुआरों के परिवारवालों को लगा कि वो सभी समुद्री तूफ़ान की चपेट में आने से डूब गए हैं।

परिवारवाले उनकी अंत्येष्टि की तैयारी भी करने लगे, लेकिन तभी उन्हें सुचना दी गई कि सभी मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राधिका मेनन और उनके साथियों की सूझबूझ का ही नतीजा था कि तूफान के बावजूद उन सभी मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

केरल में कोडुंगल्लूर की मूलरूप से ताल्लुक रखने वाली राधिका मेनन का इस सम्मान को लेकर कहना है कि वह इस सम्मान के लिए आभारी हैं। जो कुछ भी उन्होंने किया उसे लेकर वह कहती है कि  ‘समुद्र पर संकट में फंसी जानों को बचाना मेरा दायित्व है। मैंने सिर्फ अपना फर्ज निभाया।’

राधिका ने मछुआरों की जान तब बचाई जब वह भारतीय नौवहन निगम के संपूर्ण स्वराज नामक तेल टैंकर पर नियुक्त थी।

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