विदेशों में भारतीयों ने रखे हैं 11 लाख करोड़ रुपए की ब्लैक मनी !

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Updated on 22 Jun, 2016 at 6:13 pm

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टैक्स हैवन देशों में भारतीयों ने 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक की ब्लैक मनी जमा कर रखी है। ऐसा दावा बैंक ऑफ इटली की एक रिपोर्ट में किया गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर से करीब 7 लाख ट्रिलियन डॉलर की ब्लैक मनी टैक्स हैवन देशों में मौजूद है, जिसमें भारतीयों का हिस्सा करीब 9 से 11 लाख करोड़ रुपयों का है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये ब्लैक मनी शेयर्स, कर्ज या फिर बैंक डिपॉजिट्स के तौर पर जमा की गई हैं। यही नहीं रियल स्टेट और गोल्ड में भी ब्लैक मनी भरपूर मात्रा में लगी हुई है।

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बैंक ऑफ इटली की इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले पैनल का कहना है कि 2013 में दुनिया की जीडीपी में भारत का शेयर 2.5% था। टैक्स हैवन देशों में मौजूद ब्लैक मनी भी इतना ही है।

इसका मतलब यह है कि वर्ष 1970 के बाद अगर काले धन की समस्या नहीं होती तो अब तक भारत की अर्थव्यवस्था हर साल कम से कम 5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ती। और आज भारत 8 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी वाला देश होता।

ब्लैक के मनी के बारे में तीन अलग-अलग विशेषज्ञों ने अलग-अलग आंकड़े बताए हैं।

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के गैब्रियल जुकमैन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वैश्विक स्तर पर ब्लैकमनी का आंकड़ा 7.6 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप ने इस आंकड़े को 8.9 ट्रिलियन डॉलर बताया। दूसरी तरफ टैक्स जस्टिस नेटवर्क ने यह आंकड़ा 21 ट्रिलियन डॉलर बताया था।


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एक अन्य संस्था ग्लोबल फाइनेंशियल इंटेग्रिटी के मुताबिक, भारत से 2003 से 2012 तक सालाना करीब 44 अरब विदेशों में जमा हुए हैं।

माना जाता है कि अधिकतर टैक्स हैवन देशों की अर्थव्यवस्था का आधार ब्लैकमनी ही होता है। ये ऐसे देश होते हैं जहां टैक्स बचाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था नहीं होती है। यही नहीं, काला धन रखने वाले लोगों की पहचान छुपाई जाती है।

गौरतलब है कि सरकार ने अलग-अलग योजनाओं के जरिए ब्लैकमनी वापस लाने की कोशिश की थी, लेकिन सितंबर 2015 तक सिर्फ 638 लोगों ने 3770 करोड़ रुपए की ब्लैकमनी डिक्लेयर की।

सरकार को उम्मीद थी कि इन योजना का लाभ मिलेगा और करीब 15000 करोड़ रुपया भारत को मिलेगा।

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