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भारत के इन मंदिरों में मिलते हैं अनोखे प्रसाद; कहीं चढ़ता है ‘नूडल्स’, तो कहीं ‘शराब’

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4:06 pm 6 Nov, 2017

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धर्म, भक्ति, अध्यात्म और साधना का देश है भारत, जहां प्राचीन काल से पूजा-स्थल के रूप में मंदिर विशेष महत्व रखते रहे हैं। इन मंदिरों से जुड़े आस्था भाव प्रसंग जितने रोचक हो सकते है, उतने ही उनसे जुड़ी मान्यताएं और स्वादिष्ट प्रसाद आपको हैरान कर सकते हैं। इसी वजह से आपको कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में जानकारी देने जा रहा हूं, जो न सिर्फ़ अपने ईष्ट की आस्था के वजह से पहचाने जाते हैं, बल्कि भक्तों द्वारा लगने वाले अनोखे भोग-प्रसाद की वजह से भी जाने जाते हैं।

राजस्थान के करणी माता मंदिर में चूहों का झूठा प्रसाद का है अपना महत्व।

राजस्थान के बीकानेर के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर अपने परिसर मे मौजूद करीब 20 हजार चूहों के लिए भी जाना जाता है। धार्मिक आस्था के अनुसार इन चूहों को माता के संतान के रूप में देखा जाता है, जिस वजह से मंदिर के प्रांगण में हज़ारों की तादाद में मूसकराज विचरण करते दिख जाएंगे ।यही नहीं, यहां आने वालो भक्तो को चूहों का झूठा किया हुआ प्रसाद ही मिलता है।

भारत का एक ऐसा मंदिर जहां प्रसाद के रूप में मिलती है सीडी, डीवीडी।

चौंकिए मत! केरल के थ्रिसुर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में धार्मिक चीजों से ओत-प्रोत सीडी, डीवीडी किताबें वितरण की जाती है। इसके पीछे की मान्यता, मंदिर के प्रसाद को हाई-टेक करना नहीं है, बल्कि मंदिर के ट्रस्ट का मानना है कि धर्म और ज्ञान के प्रचार और प्रसार से बढ़कर अन्य कोई प्रसाद हो ही नहीं सकता।

इस मंदिर में प्रसाद के रूप चढ़ाया जाता है चॉकलेट।

देवी-देवताओं के पसंद और भोग के वस्तुओं के बारे में तो आप जानते ही होंगे। जैसे गणेश भगवान को लड्डू पसंद है, वहीं शिव भगवान को भांग-धतूरा चढ़ाया जाता है, लेकिन देश में एक ऐसा भी मंदिर है जहां के पुजारियों का मानना है कि उस मंदिर में विराजमान भगवान को चॉकलेट प्रिय है। बात कर रहे हैं केरल के बालसुब्रमणिया मंदिर की, जहां प्रसाद के रूप में बालामुरुगन भगवान को चॉकलेट ही अर्पित की जाती है और चॉकलेट का ही प्रसाद वितरित किया जाता है।

कोलकाता में है चाइनीज काली मंदिर, जहां लगता है नूडल्स का भोग।


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भारत में वैसे काली माता के बहुत से मंदिर होंगे, लेकिन कोलकाता मैं एक ऐसा भी मंदिर है जिसे चाइनीज काली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, कोलकाता के टैंगरा एरिया में स्थित काली जी के मंदिर के भक्तों में चाइनीज लोगों की तादाद ज़्यादा है। इस वजह से इस मंदिर का प्रसाद भी अनोखा है। आपको बता दें इस मंदिर में नूडल्स, चावल और सब्जियों का ही भोग लगता हैं।

इस मंदिर डोसा प्रसाद की बात ही निराली है।

जी हां, दक्षिण भारत के तमिलनाडु के मदुरई में बने भगवान विष्णु के अलागार मंदिर में प्रसाद के रूप में डोसा मिलता है।

प्रसाद में बंटती है शराब।

आपने शिव मंदिर के शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, शहद, धतूरा, भांग आदि चढ़ते तो देखा होगा, लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का एक मंदिर ऐसा भी है जहां के शिवलिंग पर शराब चढ़ाई जाती है। एक ख़ास बात यह भी है कि फिर इसी शराब को मंदिर परिसर में मौजूद बंदरों को पिलाया जाता है, जिसे बंदर बड़े चाव से ग्रहण भी कर लेते हैं। आपको बता दें कि यह मंदिर खबीस बाबा के नाम से जाना जाता है। मान्यता के अनुसार खबीस बाबा को भैरव बाबा का रूप माना जाता है।

 

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