अमेरिकी विश्वविद्यालय ने 25 भारतीय छात्रों को निकाला

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Updated on 8 Jun, 2016 at 11:44 am

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एक अमेरिकी विश्वविद्यालय ने प्रवेश मानकों पर खरे नहीं उतरने की दलील देते हुए करीब 25 भारतीय छात्रों को निकाल दिया है। बताया गया है कि वेस्टर्न केंटकी यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस के पहले सेमेस्टर के 25 छात्र कंप्यूटर प्रोग्राम लिखने में सक्षम नहीं हैं।

लगभग 60 भारतीय विद्यार्थियों ने इस साल जनवरी में इस पाठ्यक्रम के लिए नामांकन कराया था।

कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम के अध्यक्ष जेम्स गैरी ने अखबार को बताया कि करीब 40 विद्यार्थी प्रवेश मानकों पर खरे नहीं उतरे, हालांकि विश्वविद्यालय ने उन्हें मदद दी थी। उन्होंने कहा कि इन छात्रों को पढ़ाई जारी रखने दिया जाना ‘धन की बर्बादी’ होगी, क्यों वे कंप्यूटर प्रोग्राम नहीं लिख सकते।

गैरी का कहना है कि अगर ये छात्र यहां से प्रोग्राम लिखने की योग्यता के बगैर बाहर निकलेंगे, तो यह विभाग के लिए शर्मनाक होगा।


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इन छात्रों का दाखिला भारत में दिए गए विज्ञापनों के जरिए किया गया था। बताया जा रहा है कि भविष्य में विद्यार्थियों को दाखिला देने से पूर्व कंप्यूटर विज्ञान विभाग के सदस्यों को भारत में विद्यार्थियों से मिलने के लिए भेजा जाएगा।

वेस्टर्न केंटकी यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्र संघ के अध्यक्ष आदित्य शर्मा ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने स्वीकार किया कि कुछ छात्र पढ़ाई के प्रति ढीला रवैया अख्तियार किए हुए थे।

यही नहीं, वे अपने जीपीए (ग्रेड प्वॉइंट औसत) को पूरा नहीं कर पाए, इसलिए यूनिवर्सिटी को यह कदम उठाना पड़ा।

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