Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

जानिए कौन थीं वो भारतीय जासूस सहमत खान, जिसकी जिंदगी पर आधारित है आलिया की फिल्म ‘राज़ी’

Published on 18 May, 2018 at 6:43 pm By

मेघना गुलजार निर्देशित फिल्म ‘राजी’ 11 मई को बड़े पर्द पर उतर चुकी है। फिल्म में आलिया भट्ट और विक्की कौशल ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी हरिंदर सिक्का के नॉवेल ‘कॉलिंग सहमत’ पर आधारित है, जो कि सच्ची घटना से प्रेरित है। आलिया भट्ट ने इस फिल्म में एक ऐसे जासूस की भूमिका अदा की है, जो पाकिस्तान में जासूसी करने के मकसद से पाकिस्तानी सेना के एक अफसर से शादी कर लेती हैं। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ‘राजी’ शानदार कमाई कर रही है। फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में कामयाब रही है। वहीं, फिल्म समीक्षकों को राजी का कंटेंट काफी पसंद आया है।


Advertisement

 

अमूमन बबली किरदार में नजर आने वाली आलिया की  इस फिल्म में दमदार एक्टिंग देखने को मिली है। आलिया ने इस फिल्म में सहमत खान की भूमिका निभाई है, जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया।

 

 

इस महिला जासूस ने पाकिस्तान में दुश्मनों के बीच रहकर अपनी जान दांव पर लगाकर भारत को कई खुफिया जानकारियां दी थीं। साथ ही वो उन चंद सीक्रेट एजेंट में से एक थीं, जो पाकिस्तान में जासूसी जैसे खतरनाक काम को अंजाम देने के बाद भारत लौटने में कामयाब रहीं थीं।

 

आइए जानते हैं कौन थीं वो सहमत खान जिसके त्याग और समपर्ण की कहानी हर भारतीय को जाननी चाहिए।

 


Advertisement

अगर लेखक हरिदंर सिक्का ने ‘कॉलिंग सहमत’ नॉवेल के जरिए सहमत खान की कहानी को दुनिया के सामने नहीं रखा होता, तो आज शायद ही कोई उनके बारे में जान पाता।

 

 

इस नॉवेल को लिखने की प्रेरणा हरिदंर सिक्का को तब मिली जब कारगिल युद्ध के बारे में रिसर्च करने के दौरान उनकी मुलाकात सहमत के बेटे से हुई। उनके बेटे ने अपनी मां की बहादुरी की गाथा हरिदंर सिक्का को बताई। उनकी कहानी से सिक्का इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने देश की इस वीर सिपाही के ऊपर किताब लिखने का सोच लिया।

 

सिक्का सहमत की कहानी को सुनने के लिए वह पंजाब के मलेरकोटला पहुंचे गए। वहां उनकी मुलाकात सहमत से हुई। उन्हें देखकर खुद नेवी में अफसर रह चुके सिक्का को यकीन ही नहीं हुआ कि यह कभी जासूसी भी कर सकती थीं।

 

 

सहमत एक आम कश्मीरी युवा लड़की थी, जो कॉलेज की पढाई कर रही थी। उसने अपनी आने वाली जिंदगी को लेकर कई सपने संजोए होंगे, लेकिन उसे इस बात का अंदेशा बिलकुल नहीं था कि वह एक दिन जासूस बन जाएगी।

 

 



हुआ कुछ यूं कि 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान के युद्ध से पहले भारतीय सेना को एक जासूस की जरूरत थी। उन्हें कोई ऐसा चाहिए था जो पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ रची जा रही हर साजिश की जानकारी उन्हें दे सके और जिस पर किसी को शक भी न हो।

 

ऐसे में भारतीय सेना के प्रति प्रेम भाव रखने वाले  एक कश्मीरी बिज़नेसमैन ने अपनी बेटी सहमत को इस मिशन के लिए राजी किया। सहमत भी अपने पिता और देश की खातिर ये काम करने को तैयार हो जाती है।

 

 

मिशन को अंजाम देने के लिए सहमत की शादी पाकिस्तान आर्मी में तैनात एक अफसर से कर दी जाती है। इसके बाद वह पाकिस्तान में रहकर सहमत कई खुफिया जानकारी भारत को पहुंचाती है।

 

 

पाकिस्तान द्वारा INS विराट को तबाह करने की रणनीति की जानकारी भारत को पहले सहमत ने ही दी थी। सहमत द्वारा समय पर दी गई जानकारी की वजह से ही INS विराट को समय रहते पाकिस्तानी हमले से बचाया जा सका था। INS विराट पर ही भारत का नौसेना कौशल निर्भर था।

 

 

सहमत के लिए ये सब करना इतना आसान नहीं था। एक चूक से उनकी जान पर बन सकती थी, लेकिन उन्होंने इसकी फिक्र किए बगैर देश की रक्षा हेतु अपना कर्तव्य निभाया।

 

अपने मिशन को अंजाम को देने के लिए सहमत ने जिस पाकिस्तानी अफसर से शादी की थी, वह उसे अपना दिल दे बैठीं। जब सहमत पाकिस्तान से भारत वापस आई तब वह प्रेग्नेंट थीं।सहमत का बेटा बड़ा होकर भारतीय सेना में शामिल हुआ और देश की सुरक्षा हेतु अपनी सेवाएं दी।

 

 

नॉवेल ‘कॉलिंग सहमत’ लिखते हुए हरिंदर सिक्का ने जासूस महिला की सुरक्षा और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए महिला का काल्पनिक नाम ‘सहमत खान’ रखा। इसके साथ ही उस महिला ने सिक्का से ये वादा लिया कि उनके जीते जी वह ये नॉवेल पब्लिश नहीं करेंगे।


Advertisement

सिक्का ने अपना ये वादा निभाया और उनके मरणोपरांत ही ये नॉवेल के जरिए भारतीय महिला जासूस सहमत खान की कहानी दुनिया के सामने रखी। खास बात ये है कि हरिंदर सिक्का को इस नॉवेल को लिखने में करीब आठ साल का वक्त लगा।

Advertisement

नई कहानियां

G-spot को भूल जाइए, ऑर्गेज़्म के लिए अब फ़ोकस करिए A-spot पर!

G-spot को भूल जाइए, ऑर्गेज़्म के लिए अब फ़ोकस करिए A-spot पर!


Eva Ekeblad: जिनकी आलू से की गई अनोखी खोज ने, कई लोगों का पेट भरा

Eva Ekeblad: जिनकी आलू से की गई अनोखी खोज ने, कई लोगों का पेट भरा


Charles Macintosh ने किया था रेनकोट का आविष्कार, कभी किया करते थे क्लर्क की नौकरी

Charles Macintosh ने किया था रेनकोट का आविष्कार, कभी किया करते थे क्लर्क की नौकरी


जानिए क्या है Google’s Birthday Surprise Spinner, बच्चों से लेकर बड़ों में है इसका क्रेज़

जानिए क्या है Google’s Birthday Surprise Spinner, बच्चों से लेकर बड़ों में है इसका क्रेज़


क्या Clash of Clans के बारे में पहले कभी सुना है? जानिए इसके बारे में सबकुछ

क्या Clash of Clans के बारे में पहले कभी सुना है? जानिए इसके बारे में सबकुछ


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Entertainment

नेट पर पॉप्युलर