हथियारों की जांच के नाम पर दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके गए भारतीय शूटर्स, फर्श पर गुजारे 13 घंटे

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Updated on 10 May, 2017 at 3:27 pm

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आमतौर पर इस बात पर बहस होती रही है कि भारत में क्रिकेट के अलावा किसी अन्य खेल को तवज्जो नहीं दी जाती है। यह बात गाहे-बगाहे सच भी होती रही है।

शर्मशार करने वाली एक घटना में भारतीय शूटिंग टीम के आठ खिलाड़ियों को हथियारों की जांच के नाम पर एयरपोर्ट पर करीब 13 घंटों तक रोक कर रखा गया और इस दौरान शूटर्स फर्श पर बैठकर अपना समय काटते रहे।

भारतीय शूटिंग टीम के ये खिलाड़ी चेक रिपब्लिक में एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के बाद स्वदेश लौटे थे।

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खिलाड़ियों का दावा है कि अधिकारियों ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे कोई आतंकवादी हों। हालात इतने बुरे रहे कि खिलाड़ियों को बिस्कुट खाकर गुजारा करना पड़ा।

इन खिलाड़ियों में एशियन गेम्स 2014 में सिल्वर मेडल विजेता पेंबा तमांग, अर्जुन अवार्डी व कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण विजेता गुरप्रीत सिंह, आेलिंपियन चैन सिंह, कॉमनवेल्थ में गोल्ड विजेता हरप्रीत सिंह, कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में तीन स्वर्ण जीतने वाले आेंकार सिंह, सुशील घाले, मुस्कान और विनीता भारद्वाज भी शामिल हैं।

इस बीच, ओलिम्पिक गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अभिनव बिंद्रा ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है।

बिंद्रा ने सवाल उठाया है कि क्या ऐसा कभी भारतीय क्रिकेट टीम के साथ हो सकता है? बिंद्रा ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई ट्वीट किए।

उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट्स के जरिए अपनी नाराजगी जताई है।

 



 

 

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