राजनेताओं की ये 12 तस्वीरें पुराने दिनों की याद ताजा कर देंगी

Updated on 29 May, 2018 at 5:11 pm

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भारतीय गणतंत्र में राजनेता हमारी जिन्दगी से कुछ इस तरह जुड़े हुए हैं, कि लोग इन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते। भारतीय राजनेता जैसा अब दिखते हैं, वैसा हमेशा नहीं दिखते रहे थे। इन राजनेताओं के व्यक्तित्व में समय के साथ ही अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिले हैं। जवानी से लेकर अब तक ढेर सारे बदलाव देखने को मिले हैं। आज हम आपको 12 भारतीय राजनेताओं की पुरानी तस्वीरों से रूबरू कराने जा रहे हैं। इन तस्वीरों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये पहले कैसे दिखते थे और अब कैसे दिखते हैं।

1. अटल बिहारी वाजपेयी

भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी दो बार भारत के प्रधानमंत्री बने। पहली वर्ष 1996 में वह 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने, वहीं बाद में वर्ष 1998 से 2004 तक प्रधानमंत्री पद पर रहे। फिलहाल इस वयोवृद्ध नेता की उम्र 92 वर्ष है और वह भारत के सबसे बुजुर्ग पूर्व प्रधानमंत्री हैं।

2. लालकृष्ण आडवाणी

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भारतीय जनता पार्टी को वृहद आकार देने वाले लालकृष्ण आडवाणी वर्ष 2002 से 2004 तक भारत के सातवें उप-प्रधानमंत्री रहे। वर्ष 1998 से लेकर 2004 के बीच वह तात्कालीन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में गृहमंत्री की भूमिका में भी रहे। वह भाजपा के शीर्ष नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने पार्टी की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें वर्ष 2015 में पद्मविभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।

3. सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी दो बार केन्द्रीय सत्ता में रही। वर्ष 2004 से 2009 तथा वर्ष 2009 से 2014 तक कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन सरकारों का नेतृत्व किया और यह सोनिया गांधी की कार्यकुशलता से ही संभव हो सका। उन्हें 2004 में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का चेयरपर्सन बनाया गया। वर्ष 2014 में वह लोकसभा में चौथी बार चुनी गईं। कांग्रेस पार्टी के 125 सालों के इतिहास में सोनिया गांधी ने सबसे लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व किया। उनका जन्म इटली में हुआ था और यह भारत में डिबेट और विवाद का विषय रहा है।

4. लालू प्रसाद यादव

लालू प्रसाद यादव वर्ष 1990 से 1997 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे। बाद में वर्ष 2004 से वर्ष 2009 तक वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में रेल मंत्री रहे। लालू यादव चारा घोटाला में जेल की सजा पा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। लालू कई अन्य घोटालों में भी लिप्त रहे हैं। वह राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष हैं। राबड़ी देवी से ब्याह रचाने वाले लालू 9 बच्चों के पिता है। उनके बच्चों में 2 बेटे व 7 बेटियां शांमिल हैं।

5. मनमोहन सिंह

भारत में आर्थिक उदारवाद को शुरू करने का श्रेय मनमोहन सिंह को जाता है। प्रतिभाशाली अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह वर्ष 2004 से वर्ष 2014 के भारत के प्रधानमंत्री रहे। पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री रहे थे।

6. नरेन्द्र मोदी

फिलहाल भारत के प्रधानमंत्री हैं। नरेन्द्र मोदी वर्ष 2001 से वर्ष 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिष्ठित रहे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने वाराणसी सीट से विजय हासिल की। प्रधानमंत्री कार्यालय में नरेन्द्र मोदी के तीन साल से अधिक हो गए हैं। तमाम सर्वे में उन्हें भारत का सबसे लोकप्रिय जननेता कहा जाता है। हाल में किए गए एक प्यु रिसर्च पोल में उन्हें 93 फीसदी लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ। 68 फीसदी लोगों ने कहा कि वह बेहतर काम कर रहे हैं।



7. अरविन्द केजरीवाल

अरविन्द केजरीवाल जनआंदोलन से राजनीति में आए राजनेता हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में आम आदमी पार्टी की स्थापना की और वर्ष 2015 से लगातार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। इससे पहले वह वर्ष 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे और 49 दिनों तक गठबंधन सरकार चलाने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। शुरू में उनकी छवि एक भ्रष्टाचार विरोधी नेता के रूप में उभरी थी, लेकिन मंत्रिमंडल के सदस्यों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने की वजह से उनकी इस छवि को खासा नुकसान हुआ है।

8. सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री के रूप में सुषमा स्वराज का काम अतुलनीय है। इंदिरा गांधी के बाद सुषमा स्वराज देश की दूसरी महिला विदेश मंत्री हैं। स्वराज सात बार लोकसभा के लिए चुनी जा चुकी हैं। वह सबसे पहली बार वर्ष 1977 में महज 25 साल की उम्र में लोकसभा की सदस्य बनीं थीं। सुषमा स्वराज के नाम हरियाणा से सबसे कम उम्र की कैबिनेट मिनिस्टर होने का रिकॉर्ड दर्ज है। उनके प्रति लोगों का प्यार ही है कि हाल ही में अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सुषमा को बेस्ट लव्ड पॉलिटिसियन कहा था।

9. अरुण जेटली

अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में वित्त मंत्री हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील जेटली पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। उन्हें दिग्गज अर्थशास्त्री कहा जाता है। अरुण जेटली हाल तक रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाले हुए थे। हालांकि, अब इस प्रभार से उन्हें मुक्त कर दिया गया है।

10. मायावती

मायावती बहुजन समाज पार्टी की सर्वेसर्वा हैं। वह चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। जाति पर आधारित राजनीति करने में माहिर मायावती को कथित सोशल इन्जीयरिंग का जादूगर भी कहा जाता है। हालांकि, मायावती को न पिछले लोकसभा चुनावों में और न ही हाल में ही संपन्न हुए उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में सफलता हासिल हुई है। कहा जा रहा है कि मायावती जादू खत्म हो रहा है।

11. राहुल गांधी

राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। वह लंबे समय से केन्द्रीय राजनीति में सक्रिय हैं। राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ खड़ा करती रही है। हाल ही में राहुल सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हुए हैं और उन्हें जनसमर्थन मिल रहा है।

12. ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ऑन इन वन हैं। वह न केवल एक जननेत्री हैं, बल्कि कवियित्री, लेखिका और कलाकार भी हैं। वह वर्ष 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के पद पर हैं। उन्होंने कांग्रेस से अलग होने की घोषणा करते हुए वर्ष 1997 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITMC) की स्थापना की थी। वह इस पार्टी की प्रमुख भी हैं।


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