भारतीय मूल के अजीज अंसारी ने एमी अवॉर्ड्स जीतकर रचा इतिहास

Updated on 20 Sep, 2017 at 6:34 pm

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अमेरिका में काले और गोरों के बीच की खाई आज भी पूरी तरह से पटी नहीं है। एशियाई मूल के सांवले लोगों को आज भी अमेरिकियों से कमतर ही आंका जाता है, लेकिन भारतीय मूल के एक्टर और कॉमेडियन अजीज अंसारी ने इस बात को ग़लत साबित कर दिया है। 67वें ग्रैमी अवार्ड्स में भारतीय मूल के अमेरिकन एक्टर, कॉमेडियन और लेखक अजीज अंसारी को उनकी कॉमेडी सीरिज ‘मास्टर ऑफ नन’ के लिए एमी अवॉर्ड दिया गया, जो निश्चित रूप से उनके साथ ही सभी भारतीयों के लिए भी गर्व की बात है।

अजीज अंसारी लेना वेथ के साथ अवॉर्ड लेने पहुंचे। दोनों ही ‘मास्टर ऑफ नन’ के लिए जाने जाते हैं। ये मशहूर कॉमेडी सिरीज असल ज़िंदगी के अनुभवों पर आधारित है। अंसारी ने लगातार दूसरे साल एमी अवॉर्ड्स जीतकर साबित कर दिया कि रंग का कामयाबी से कोई लेना-देना नहीं होता। अंसारी अमेरिका में काफी मशहूर हैं।


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मूल रूप से तमिलनाडू के रहने वाले अज़ीज़ अंसारी का जन्म 23 फरवरी 1983 को हुआ था। उनके माता-पिता दोनों मेडिकल फील्ड में हैं। अंसारी ने बतौर अभिनेता और कॉमेडियन अपनी पहचान बनाई है। साल 2000 में उन्होंने एक स्टैंडप कॉमडियन के तौर पर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद एमटीवी पर उनका शो काफी लोकप्रिय हुआ और यहीँ से उन्होंने फिल्मों का रुख किया। अंसारी फन्नी पीपुल, आई लव यू मैन, ऑबज्वर रिपोर्ट तथा 30 मिनट्स ऑर लेस जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्होंने  2015 में एक किताब मॉडर्न रोमांस-एन इंवेस्टिगेशन भी लिखी है।

अंसारी की कामयाबी इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने एशियाई मूल के लोगों के प्रति स्टीरियोटाइप वाली छवि को तोड़ा है। अपनी एक्टिंग के दम पर उन्होंने दर्शकों का दिल जीतकर उस छवि की तोड़ा है जहां एक्टर होने का मतलब गोरा रंग और सुनहरे बाल होता है।

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