हिन्द और प्रशांत महासागर का पानी आपस में मिश्रित क्यों नहीं होते? क्या आप जानते हैं?

9:16 am 20 Jan, 2018

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प्रकृति रहस्यों से भरी हुई है। नदी, पहाड़, जंगल, समुद्र और ब्रह्मांड को अब भी हम ठीक से नहीं जान सके हैं। हम सब जानते हैं कि धरती के 70 फीसदी हिस्से पर पानी है। अथाह महासागरों को जानने में वैज्ञानिक भी चुनौतियों का सामना करते हैं। अभी मात्र महासागर के 20 फीसदी भागों का ही गहन अध्ययन हो सका है। यहां हम कुछ ऐसी जानकारी दे रहे हैं जो आपको हैरान कर देंगी।

ये तो पता होगा कि दो नदियां मिलकर तीसरी नदी का निर्माण करती हैं। 5 महासागर सातों महाद्वीप को मिलाती हैं। साथ ही हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर भी अलास्का की खाड़ी में मिलते हैं। लेकिन क्या आपको ये पता है कि मिलने के बावजूद हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर का पानी मिक्स आपस में घुलते नहीं हैं!

नीचे की तस्वीर से स्पष्ट हो जाएगा!

इस अद्भुत नजारे को सबसे पहले केंट स्मिथ ने 2010 में अलास्का में अपने कैमरे में कैद किया था। अलास्का की खाड़ी में दोनों समुद्रों के पानी में अंतर स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है। ये बात हैरान करने वाली है कि आखिर पानी यहां आपस में मिश्रित क्यों नहीं होते हैं। अब चलिये आपको बताता हूं कि आखिर ये पाने आपस में मिक्स क्यों नहीं होते!

दरअसल, इसके अनेक कारण बताये जाते हैं। चूंकि ग्लेशियर से निकलने वाले पानी का रंग हल्का नीला तथा समुद्रों से आने वाला पानी गहरा नीला होता है। ये भी कहा जाता है कि इस फिनॉमिना का सम्बन्ध पानी के ऊर्ध्वाधर स्तरीकरण से होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार खारे और मीठे पानी का घनत्व, तापमान और लवणता का अलग-अलग होना प्रमुख कारण हो सकते हैं।


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ये भी माना जा रहा है कि जब अलग-अलग घनत्व के पानी पर सूरज की किरणें पड़ती हैं, तो भी पानी का रंग बदलता है और प्रतीत होता है कि दोनों जल मिश्रित नहीं हो रहे हैं। वहीं, कई लोग इसे धार्मिक रहस्य और चमत्कार भी बताते हैं।

विडियो में इस घटना को यहां देख सकते हैं:

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