पाकिस्तान की जेल में भारतीय कैदी की संदिग्ध मौत, जासूसी के आरोप में थे बंद

author image
2:46 pm 12 Apr, 2016

Advertisement

भारतीय नागरिक 55 वर्षीय किरपाल सिंह की पाकिस्तान की जेल में सोमवार को मौत हो गई। किरपाल सिंह पिछले 20 सालों से जासूसी के आरोप में लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद थे।

1992 में किरपाल सिंह कथित तौर पर वाघा सीमा से पाकिस्तान में घुसे थे। उन्हें वहीं गिरफ्तार कर लिया गया था।

Kirpal Singh

बाद में किरपाल सिंह को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम विस्फोटों के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी।

हालांकि, बाद में खबर आई थी कि पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले सिंह को लाहौर हाईकोर्ट ने बम विस्फोट के आरोप से बरी कर दिया था। लेकिन अज्ञात कारणों की वजह से उनकी मौत की सजा नहीं बदली गई।

सिंह की यातनाओं के कारण मौत पर उठे सवाल पर, कोट लखपत जेल के एक अधिकारी का कहना है कि जेल में किरपाल के पास मौजूद कैदियों ने बताया कि किरपाल को सीने में दर्द की शिकायत हुई और तुरंत बाद ही उसकी मौत हो गई।


Advertisement

पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि किरपाल सिंह की मौत प्राकृतिक मृत्यु लगती है। मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम के बाद ही सामने आ सकेगी। किरपाल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिन्ना अस्पताल भेजा गया है।

किरपाल सिंह की बहन जगीर कौर ने कहा कि उनके भाई के मामले को उठाने के लिए कोई नेता भी सामने नहीं आया था। उनका कहना है कि आर्थिक दिक्कतों की वजह से उनका परिवार किरपाल की रिहाई के लिए आवाज नहीं उठा सका था।

किरपाल सिंह के परिवार का कहना है कि कम से कम सरकार अब किरपाल के अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की कवायद करे।

किरपाल सिंह लाहौर के कोट लखपत जेल में सरबजीत सिंह के साथ जेल में बंद थे। अप्रैल 2013 में सरबजीत सिंह पर उनके साथी कैदियों ने हमला कर दिया था। जिसके बाद सरबजीत की इलाज के दौरान जिन्ना अस्पताल में मौत हो गई थी।

Sarabjit Singh

सरबजीत को 1990 में फैसलाबाद, मुल्तान और लाहौर में चार बम विस्फोट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सरबजीत को मौत की सजा सुनाई गई थी।

Sarabjit Singh

वहीं किरपाल सिंह की मौत को सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने हत्या करार दिया है।

Sarabjit sister

सरबजीत की बहन दलबीर कौर ANI


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement