हथियारबंद बदमाश से भिड़ गई 6 वर्षीय भारतीय बच्ची, बहादुरी के लिए बटोर रही है सुर्खियां

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Updated on 9 Sep, 2016 at 12:50 pm

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एक छह वर्षीय भारतीय बच्ची ने बीते दिनों दुनियां के तमाम अख़बारों में अपनी बहादुरी की वजह से जगह बनाई। भारतीय मूल की इस बच्ची के पिता का न्यूजीलैंड में एक स्टोर हैं, जहां लूट के इरादे से आए हथियारबंद बदमाशों से यह बच्ची अकेले ही भिड़ गई। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद दुनिया भर के अख़बारों ने इस बच्ची के लिए ‘साहसी’, ‘बहादुर’, ‘निर्भीक’, ‘निडर’ जैसे विशेषण देकर प्रशंसा की है।

इस बच्ची का नाम सारा पटेल है और वह अपने परिवार के साथ ऑकलैंड में रहती है। बीते सोमवार को जब छह हथियारबंद लोगों ने उसके पिता की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर धावा बोल दिया था, तब इस बच्ची ने ग़ज़ब के साहस का परिचय दिया और बदमाश से अकेले ही भिड़ गई। यह पूरा मामला सीसीटीवी में क़ैद हो चुका है।

brave indian girl

फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे एक नकाबपोश बदमाश ने अपने एक हाथ में कुल्हाड़ी पकड़ रखी है और दुकान के कर्मचारी को लात-घूसों से पीटने के बाद दुकान में रखी नकदी लूट रहा है।

सारा जो इस हिंसक वारदात के वक्त थी ने देखा की जब एक नकाबपोश बदमाश जिसने हाथ में कुल्हाड़ी पकड़ रखी है, उसने एक कर्मचारी को नीचे गिरा कर उसपर लात-घूसों की बौछारे कर दी है। ऐसे में उसकी मदद के लिए किसी और को बढ़ता न देख सारा उस बदमाश की तरफ अकेल दौड़ पड़ी है और जाकर उस बदमाश के पैर पकड़ लिए।

न्यूजीलैंड के एक अख़बार हेराल्ड से बात करते हुए सारा ने बताया कि वह उस बुरे आदमी से नहीं डरी और वह कर्मचारी को बचाने की कोशिश कर रही थी। इतना ही नहीं, सारा ने घटना के वक़्त दुकान में ही मौजूद उसके दादा जी को बाहर निकलने में भी मदद की।


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सारा के पिता सुहैल पटेल TVNZ के हवाले से बताया कि पिछली रात वह परेशान और सदमे में थी। सभी उसे यह समझाने की कोशिश कर रहे थे कि उसने बहुत बहादुरी का काम किया है। सुहैल आगे कहते हैं कि वह अपनी बेटी पर गर्व करते हैं। वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती है, इसलिए उनको इतना आश्चर्य नही हुआ। हालांकि, वह इस घटना से हिल गई थी, लेकिन अब वह बिल्कुल ठीक है।

सूत्रों के मुताबिक इस घटना का अंत बेहद नाटकीय अंदाज़ में पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के बाद हुआ। जब 6 में से 5 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन अपराधियों की उम्र लगभग 16 साल बताई जा रही है। इस घटना के बाद सारा का परिवार उसके साहस को देखकर काफ़ी प्रसन्न है।

ब्रिटेन के अखबार डेली एक्सप्रेस ने सारा की कहानी को जहां ‘वीरतापूर्ण’ बताया तो डेली मेल ऑस्ट्रेलिया ने उसे ‘निडर’ बता कर लेख छापा। वहीं, न्यूजीलैंड के प्रमुख अख़बार हेराल्ड ने सारा की प्रशंसा करते हुए लिखा कि ‘सारा न्यूजीलैंड में सबसे युवा बहादुर लड़की है।’

यहां देखें सीसीटीवी फुटेज:

 

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