अब परमाणु मिसाइलों से लैस होंगे भारत के फाइटर जेट्स, चीन-पाक पर नजर

Updated on 4 Nov, 2017 at 11:27 am

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चीन और पाकिस्तान की तरफ से आसन्न खतरों को देखते हुए भारत तेजी से अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है। इन दोनों देशों के अलावा भारत में मौजूद माओवादी, पूर्वोत्तर के अलगाववादी ताकतों को देखते हुए सैन्य आधुनिकीकरण समय की मांग है। यही वजह है कि भारत के फाइटर जेट्स अब परमाणु आयुध युक्त मिसाइलों से लैस हो रहे हैं। इससे न केवल दुश्मन देशों का सामना आसानी से किया जा सकेगा, बल्कि देश के अंदर मौजूद राष्ट्रविरोधी ताकतों पर भी छोटे स्तर पर कार्रवाई की जा सकेगी।

इसी क्रम में भारतीय वायुसेना Su-30MKI फाइटर जेट को आधुनिक हथियारों से लैस कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हथियार बेहद उन्नत किस्म के और घातक हैं। Su-30MKI फाइटर जेट हवा से हवा में, हवा से जमीन पर मार करने वाले खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से युक्त होंगे।


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Su-30MKI फाइटर जेट का रेन्ज 1800 किलोमीटर है, जबकि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को भेद सकने में सक्षम है। ब्रह्मोस दुनिया का सबसे तेज पोत रोधी सुपरसोनिक मिसाइल है। इसकी स्‍पीड 2.8-3.0 मैक है। Su-30MKI फाइटर जेट के ब्रह्मोस से लैस होने पर भारतीय वायुसेना अधिक ताकतवर बनेगी। खतरा होने की स्थिति में यह मिसाइल पाकिस्तान और चीन के सुदूर इलाकों में हमला कर पाने में सक्षम होंगी। जानिए ब्रह्मोस मिसाइल के बारे में 10 खास बातें



Su-30 MKI भारत का सबसे उन्नत फाइटर जेट है। भारतीय वायुसेना ने इसे अलग-अलग मिशन के लिए तैयार कर रखा है। इसकी रफ्तार, मारक क्षमता इसे दुनिया के सबसे अहम फाइटर जेट्स की श्रेणी में ला खड़ा करते हैं। इस फाइटर जेट को रूस से सुखोई डिजाइन ब्यूरो ने भारत के हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटिड के साथ मिलकर बनाया है। इसे भारतीय वायुसेना की रीढ़ की हड्डी भी कहते हैं।

फिलहाल भारत के पास 200 जेट्स मौजूद हैं और 282 जेट्स जल्द ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिए जाएंगे।


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