पाकिस्तान के लिए इस तरह जासूसी कर रहा था सेना का ये जवान, किसी को भनक तक नहीं लगी

Updated on 19 Oct, 2018 at 9:55 pm

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कई बार लालच में इंसान इस कदर अंधा हो जाता है उसे सही-गलत का फ़र्क ही नहीं समझ आता। तभी तो कई बार अपने ही देश के लोग दुश्मन देश पाकिस्तान के लिए जासूसी करने लग जाते हैं। हाल ही में सेना के एक जवान को भी जासूस के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। कंचन सिंह नाम का ये जवान कुछ इस तरह से पाकिस्तान के लिए जासूस कर रहा था कि किसी को कानो कान खबर तक नहीं पड़ी।

उत्तराखंड का रहने वाला कंचन मेरठ कैंट से 6 अक्टूबर को ही पकड़ा गया। सिग्नल रिजिमेंट में तैनात ये जवान बतौर टेलीफोन ऑपरेटर काम करता था और वो टेलीफोन एक्सचेंज से ही अपना जासूसी का काम भी करता था। एक्सचेंज में काम करने की वजह से उसके दूसरे इलाकों में मौजूद आर्मी के एक्सचेंज से भी कॉन्टेक्ट थे। इस वजह से वो वहां फ़ोन करके सारी जानकारी जैसे, यूनिट की मूवमेंट, डिप्लॉयमेंट, आर्मी कमांडरों की तैनाती और ट्रांस्फर से जुड़ी जानकारी जुटाकर पाकिस्तान को व्हॉट्सअप के जरिए पहुंचाता था।

 

 

कंचन को चंडीगढ़ की वेस्टर्न कमांड ने पकड़ा। वेस्टर्न कमांड आईएसआई की ओर से उत्तर भारत में सेना की जासूसी करवाने से संबंधित सुराग ढूंढ़ने का काम कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें कंचन पर शक हुआ। फिर उन्होंने काफ़ी समय तक इस जवान की गतिविधियों पर नज़र रखी और जब उसके जासूस के सबूत मिल गए तो वेस्टर्न कमांड ने मेरठ कैंट को इस बारे में बताया, जिसके बाद कंचन को दबोच लिया गया।


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आर्मी से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है आईएसआई की नज़र 9 अक्टूबर को दिल्ली में हुए आर्मी कमांडरों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर थी, लेकिन उससे पहले ही कंचन को गिरफ़्तार कर लिया गया, वरना हो सकता है वो इससे जुड़ी जानकारी भी दुश्मन देश को दे देता। सेना में मौजूद ऐसे गद्दार न सिर्फ़ सेना का नाम बदनाम करते हैं, बल्कि लालच के लिए देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ करते हैं।

 

 

कंचन के सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले गए। उसकी फ्रेंड लिस्ट में दो पाकिस्तानियों के साथ ही कई विदेशी नाम भी शामिल हैं। इनके साथ वो चैटिंग किया करता था। अब जांच एजेंसी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है आखिर इस जवान ने किस लालच में देश से गद्दारी की और अब तक वो दुश्मन देश को क्या-क्या जानकारी पहुंचा चुका है।

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