भारतीय सेना का यह नया ऑपरेशन करेगा कश्मीरी अलगाववादियों को कमजोर

author image
Updated on 8 Nov, 2016 at 1:46 pm

Advertisement

कश्मीर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले घाटी के कई स्कूलों को निशाना बनाया गया। पिछले 4 महीनों में करीबन 32 स्कूलों को आग के हवाले कर दिया गया। घाटी में फैली इस अशांति के कारण सभी निजी और सरकारी स्कूल भी बंद हैं, जिससे यहां के बच्चों का भविष्य खतरे में है।

इन बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो, इस दिशा में भारतीय सेना ने जो कदम उठाया है, उसे जानकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। घाटी में एक बार से फिर से शान्ति बहाल करने, आतंकी गतिविधियों को मुंहतोड़ जवाब देने के साथ-साथ अब सेना के जवानों ने घाटी के बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा उठाया है।

भारतीय सेना ने सराहनीय कदम उठाते हुए ‘स्कूल चलो’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जवान, घाटी के स्कूली बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। साथ ही कई अन्य कलात्मक गतिविधियों में बच्चों को शामिल करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं।

school


Advertisement

छयम न जरूरत दौलत-ओ-रुआब, फकत गौच्छुम स्कूल ते किताब”।  इन कश्मीरी शब्दों का मतलब है- “न मुझे दौलत चाहिए, न शोहरत, मुझे सिर्फ मेरा स्कूल और किताब चाहिए।” इस नारे के साथ भारतीय सेना के जवान अपने इस मिशन पर आगे बढ़ रहे हैं।

जवानों का कहना है कि घाटी के बच्चों के भविष्य के साथ कोई अन्याय नहीं होगा और यह अभियान जारी रहेगा।



school

 

विक्टर फोर्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अशोक नरूला ने बताया कि पहलगाम में सेना द्वारा चलाये गए इस अभियान में अभी  292 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement