कश्मीर में तैनात जवान क्यों पहनते हैं अपने सिर पर ये अजीब सी चीज़, नहीं जानते होंगे आप

5:47 pm 14 May, 2018

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देश की सीमा की रक्षा में चौबीसों घंटे लगे सेना के जवानों को अपनी हिफाज़त के लिए हमेशा बंदूक और बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ रहना पड़ता है। पता नहीं कब, कहां से दुश्मन की गोली उन्हें निशाना बना ले। इसलिए हमेशा सीमा पर तैनात सैनिक हथियारों से लैस रहते हैं। बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट के अलावा भी एक अजीब सी दिखनी वाली चीज़ आपने सैनिकों के सिर पर आपने देखी होगी और सोचते होंगे कि आखिर ये क्या है और क्यों लगाते हैं इसे?

 

दरअसल, ये एक तरह का हेल्मेट ही ही जिसे पटका कहते हैं।

 

 

पटका हेल्मेट खासतौर पर देश में कश्मीर में तैनात सैनिकों की इफाज़त के लिए बनाया गया है।

 

पटका हेल्मेट को विशेष तौर पर सिख सैनिकों के लिए बनाया गया, जिन्हें सेना का मॉडल 1974 हेल्मेट पहनने में दिकक्त होती है। फिलहाल कश्मीर में तैनात सेना के जवान हेल्मेट की बजाय पटका का ही इस्तेमाल करते हैं।

 

 

पटका की खासियत ये है कि ये सेना के स्टैंडर्ड हेल्मेट से हल्का और आरामदायक है।

 

बहुत देर तक पहनने पर भी इससे थकान महसूस नहीं होती। इसके फ्लैप को गर्दन, गाल और आंख को बचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। पटका अंदर से बेहद नरम चीज़ से बना होता है जिससे इसे पहनना आरामदायक होता है। पटका को बहेद ठंडी जगह पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि ये थोड़ी गर्मी का एहसास दिलाता है। सिख जवान इसे असानी से अपनी पगड़ी के ऊपर पहन सकते हैं।


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पटका एके-47 के हमले से रक्षा करने में सक्षम है। यहां तक कि नज़दीक से हमला होने की स्थिति में यह सुरक्षा प्रदान करता है। यह इस तरह बनाया गया है कि इसे एके-47 की तेज गोलियां भी भेद नहीं सकतीं। आपको शायद पता होगा कि घाटी में आतंकी एके-47 का अधिकतर इस्तेमाल करते हैं।

 

 

साथ ही ये आसानी से आधुनिक संचार उपकरणों, दूरबीन, रेंजफिंडर और नाइट विज़न उपकरणों के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे इतने साधारण तरीके से डिज़ाइन किया गया है कि कोई भी उपकरण आसानी से इसके साथ एडजस्ट हो जाता है।

 

 

फिलहाल पटका हेल्मेट राष्ट्रीय राइफ्लस, सीआरपीएफ और कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्स के जवानों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

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