भारतीय सेना के इस जाबांज ऑफिसर ने देश के लिए जो किया है उसे जानकर आपना सीना फख्र से चौड़ा हो जाएगा

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Updated on 3 May, 2018 at 6:49 pm

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षा बलों ने हिज्बुल मुजाहीदीन के टॉप कमांडर समीर अहमद बट उर्फ समीर टाइगर को घर में घुसकर मौत के घाट उतार दिया। इस ऑपरेशन की कमान सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल के मेजर रोहित शुक्ला ने संभाली।

 

समीर वहीं आतंकी है, जिसने हाल ही में सोशल मीडिया में विडियो क्लिप जारी कर भारतीय सेना के मेजर रोहित शुक्ला को फेस टू फेस लड़ने कि चुनौती दी थी। इस आतंकी के चुनौती के 24 घंटे के भीतर ही मेजर शुक्ला ने अपनी टीम के साथ ऑपरेशन चलाकर उसे ढेर कर दिया।

 


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दरअसल, आतंकी समीर टाइगर ने विडियो में मेजर शुक्ला को ललकारते हुए कहा थाः

 

“शुक्ला को कहना कि शेर ने शिकार करना क्या छोड़ा, तूने सोच लिया जंगल हमारा है। अगर तूने अपनी मां का दूध पिया है तो सामने आकर लड़।”

 

 

इसके बाद जो हुआ वो आतंकियों के लिए एक संकेत है कि तुम आंख उठाकर भी इस देश की ओर देखोगे तो तुम्हें कब्र तक का रास्ता दिखाने में हमें ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा।

 

 

आतंकी समीर टाइगर का खात्मा कर मेजर रोहित शुक्ला ने दिखा दिया कि नाम में टाइगर लगा देने से कोई टाइगर नहीं हो जाता, जिगर चीते वाला होना चाहिए।



 

इस ऑपरेशन में मेजर शुक्ला के दाएं हाथ में एक गोली लगी है। उनका सेना के अस्पताल में उपचार चल रहा है।

 

 

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब मेजर शुक्ला ने ऐसे खतरनाक आतंकियों का खात्मा किया हो। वह इससे पहले कई ऑपरेशन्स को अंजाम दे चुके हैं।

 

सेना सूत्रों के अनुसार, मेजर शुक्ला ने अपने कार्यकाल के दौरान कश्मीर घाटी में लगभग 40 टॉप आतंकी कमांडरो को ढेर करने में अहम भूमिका निभाई है। आलम ये है कि मेजर शुक्ला आतंकियो के लिए खौफ का पर्याय बन चुके हैं।

 

अपने परिवार के साथ मेजर रोहित शुक्ला

 

अपने बेटे के इस कारनामे पर माता-पिता को भी गर्व है। देहरादून निवासी मेजर शुक्ला के पिता एडवोकेट ज्ञान शुक्ला ने कहा कि रोहित मेरा ही नहीं पूरे देश का बेटा है। मुझे फख्र है कि उसने देश के एक बड़े दुश्मन का खात्मा किया। आगे उन्होंने कहा कि वह ऐसे ही आगे बढ़ता रहे हमारी यही दुआ है।

 

मेजर रोहित शुक्ला के पिता

 

मेजर शुक्ला अपने अदम्य साहस और बहादुरी के लिए इसी साल 27 मार्च को राष्ट्रपति भवन में शौर्य चक्र से सम्मानित भी किए जा चुके हैं।

 


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