भारतीय सेना का दशकों का इंतजार खत्म, जवानों को बुलेट प्रूफ हेलमेट

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Updated on 28 Jun, 2017 at 4:57 pm

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हमारे देश के जवान जो सीमा पार देश की हिफाजत के लिए घड़ी के दोनों पहर सीना ताने खड़े रहते है, अब उन जवानों की सुरक्षा हेतु बुलेट प्रूफ हेलमेट मुहैया कराए गए है। भारतीय सेना को आधुनिक तकनीक से बने बुलेट प्रूफ हेलमेट की पहली खेप कानपुर स्थित एमकेयू इंडस्ट्रीज द्वारा सौंप दिया गया है।

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एकेयू लिमिडेट नाटो और संयुक्त राष्ट्र के लिए सैन्य उपकरण बनाती है, जिन्हें इन हेल्मेट्स को बनाने का 180 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत 1.6 लाख हेलमेट सेना को सौंपे जाने हैं, जिसकी अभी पहली किश्त डिलीवर हुई है।


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सेना के खेमे में इस हेलमेट के आ जाने के बाद दुश्मनों पर कार्रवाई करने में आसानी होगी। इस बुलेट प्रूफ हेलमेट की सबसे बड़ी खासियत है कि इसकी सतह केवलर की है। केवलर का इस्तेमाल बैटमैन के बैटसूट और कैप में किया जाता है।

इन हेल्मेट्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि ये 9 मिमी की गोली को सहन कर सकते हैं, चाहे उसे कम दूरी से ही क्यों न चलाया गया हो।

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अभी तक, जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना को बुलेट प्रूफ ‘पटका’ पहननी होती है, जो युद्ध जैसी स्थितियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। इस तरह की सुरक्षा की कई गंभीर समस्याएं हैं। यह हेलमेट वजन में ढाई किलो के होते हैं। साथ ही यह सिर्फ माथे और सिर के पीछे के हिस्से को बचाने में ही सक्षम हैं।

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वैश्विक मानकों पर खरे उतरने वाले ये हेलमेट पहननने में सहज होंगे, जो कई आधुनिक संचार उपकरणों से लैस होंगे।

 


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