भारत-चीन सीमा पर बढ़ा तनाव, सैनिकों के बीच धक्का-मुक्की

Updated on 28 Jun, 2017 at 11:06 am

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चीन की ओर से लगातार सीमा पर विवाद खड़ा किया जाता रहा है। दरअसल, चीन सीमा पर युद्धस्तर पर सड़क निर्माण की कोशिशों में लगा है, जो भारतीय पक्ष को स्वीकार्य नहीं है। साथ ही चीन की ओर से कैलाश-मानसरोवर यात्रियों को रोके जाने के बाद से तनाव शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिक्किम क्षेत्र में भारतीय सीमा के अंदर चीनी सैनिकों ने घुसपैठ किया है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी इलाके में कैंपिंग कर रहे हैं। इन अधिकारियों में 17वीं डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग भी शामिल हैं। दोनों देशों के सैनिकों के बीच धक्कामुक्की की घटना के बाद भारतीय अधिकारी और दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालय हर घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

वहीं, मौके पर भारत और चीन सीमा पर करीब एक-एक हजार सैनिक बीते दस दिनों से आमने-सामने हैं। मंगलवार को सिक्किम-भूटान-तिब्बत से सटे डोका-ला इलाके में तनाव जारी रहा। दोनों ही पक्षों के सैनिक अपने-अपने पोजिशन पर जमे रहे।



सेना ने इस टकराव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन माना जा रहा है कि चीनी सेना के जवान विवादित इलाके में सड़क निर्माण के भारी-भरकम साजोसामान के साथ मौजूद हैं। इससे पहले, बीते 20 जून को दोनों देशों के कमांडरों के बीच हुई फ्लैग मीटिंग असफल रही और कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

चीनी सेना इस इलाके में सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रही है। चीन सामरिक लिहाज से अहम माने जाने वाले चुंबी घाटी इलाके में सड़क बना चुका है, जिसे वह और विस्तार देने की कोशिश कर रहा है।


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यह सड़क भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर या कथित ‘चिकन नेक’ इलाके से महज पांच किमी दूर है। यह सिलिगुड़ी कॉरिडोर ही भारत को नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से जोड़ता है। भारतीय सैनिकों ने पीएलए के जवानों को विवादित इलाके में निर्माण कार्य करने से रोक दिया, जो टकराव की वजह बन गया है।

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