ये 10 देसी रैपर्स बादशाह को भी मात देने का दमखम रखते हैं, एकदम हटकर है इनका अंदाज़

Updated on 21 Sep, 2018 at 12:01 pm

Advertisement

रैप का नाम सुनते ही आपके ज़हन में बादशाह, रफ़्तार और हनी सिंह जैसे मसहूर बॉलीवुड रैपर के नाम आते होंगे, लेकिन आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी कि रैप की दुनिया बस यहीं तक सीमित नहीं है। हमारे देश में कई ऐसे बेहतरीन देसी रैपर्स हैं, जो ग्लैमर की दुनिया से भले ही दूर हों, मगर वो संगीत की दुनिया में क्रांति ला सकते हैं।

 

हमारे देश में रैप कल्चर विविधताओं के साथ फल-फूल रहा है, इसी का नतीजा है कि देश में कई बेहतरीन रैप सिंगर उभर रहे हैं, जो संगीत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं, बस ज़रूरत है इन्हें थोड़ी पहचान और प्रोत्साहन की।

 

रैपर्स जो मशहूर नहीं है (less famous indian rappers )


Advertisement

1. प्रदीप काशिकर (भाऊ)

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के 27 वर्षीय इस रैपर ने हाल ही में अपना पहला सोलो ‘युवा हल्ला बोल’ रिलीज़ किया। इसकी बीट्स और ट्यून काफी आकर्षक है। भाऊ पहली बार जब 2010 में रियलिटी शो ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट’ सीज़न 2 में आए थे, तब इन्होने दर्शकों के साथ ही जजों का दिल भी जीत लिया था। यह मराठी रैपर अपने गानों के जरिए गंभीर मुद्दों को भी उठाता है।

 

 

2. सोफिया अशरफ

चेन्नई की सोफिया तमिल रैपर और सिंगर हैं। उनका संगीत उद्योग जगत द्वारा पर्यावरण की अनदेखी के मुद्दे को दर्शाता है। 2008 में सोफिया ने ‘डोन्ट वर्क फॉर डो’ गाना बनाया था, जिसमें भोपाल गैस कांड के पीड़ितों को मुआवज़ा न देने पाने के लिए आलोचना की गई थी। 2015 में सोफिया का नया गाना ‘कोडाइकनल वोन्ट’ आया। इस म्यूज़िक वीडियो में दिखाया गया कि कैसे यूनिलीवर की थर्मामीटर फैक्ट्री से निकलने वाला हानिकारक मर्करी (पारा) पर्यावरण को दूषित कर रहा है। सोफिया भी रैप के अंदाज कई गंभीर मुद्दों को लोगों को सामने रखती हैं।

 

3. ब्रोधा वी

विगनेश शिवानंद ऊर्फ ब्रोधा वी मशहूर इंडियन हिप-हॉप कलाकार है। गीतकार, रैपर और म्यूज़िक प्रोड्यूसर ब्रोधा का जन्म कांचीपुरम में हुआ था। बेंगलुरु के इस कलाकार ने 18 साल की उम्र से ही रैप शुरू कर दिया था। वो स्वतंत्र कलाकार के रूप में काम करते रहे। 2013 में उन्होंने अपना सोलो गाना ‘आईगिरी नंदनी’ रिलीज किया।

 

 

4. प्रधान

करनाल के रहने वाले प्रधान हरियाणा के पहले रैपर माने जाते हैं। 25 साल के प्रधान कई गाने भी लिख चुके हैं। साथ ही वो बेनी डयाल, नेहा और सोनू ककड़ के साथ भी काम कर चुके हैं। वह गंभीर से लेकर मज़ाकिया हर तरह के रैप बनाते हैं। प्रधान देश के बेहतरीन रैपर्स में से एक है। वो मशहूर सिंगर-रैपर बोहेमिया के साथ भी काम कर चुके हैं।

 

5. नैज़ी

मुंबई का ये रैपर भी बेहतरीन रैपर्स में से एक है। नैज़ी का रैप सुनने के बाद यकीनन आप उसके दीवाने हो जाएंगे। रैप में ऊर्दू का इस्तेमाल करने की वजह से वो बहुत आकर्षक बन जाता है। अपने खास अंदाज़ में कहानी बयां करना और रैप का म्यूज़िक लोगों को उनकी ओर खींचता है।



 

 

6. दीपा उन्नीकृष्णन

मुंबई की दीपा ने 2012 में अपना करियर शुरू किया था। अब वो मुंबई के अंडरग्राउंड हिप-हॉप मूवमेंट का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। दीपा के संगीत में लिंगभेद, महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के लिए सामाजिक बंधनों को तोड़ने जैसे मुद्दे उठाए जाते हैं। दीपा के गाने ‘टॉक माई वे’ को रेडियो सिटी 91.1 ने 2015 में फ्रीडम अवॉर्ड से नवाजा गया था। इस कैटेगरी में नॉमिनेट होने वाली वो अकेली महिला रैपर थी।

 

 

7. इशिता कौर

इशिता कौर देसी महिला रैपर स्क्वाड का प्रतिनिधित्व करती हैं। दिल्ली की इशिता देश की सबसे कम उम्र की महिला रैपर मानी जाती हैं। इशिता ने 13 साल की उम्र में अंडरग्राउंड हिप हॉप ग्रुप गैंगस्टर सोल के साथ अपने करियर की शुरुआत क थी। सोशल मीडिया पर उनके ढेरों फैंस हैं। इशिता को युवाओं से जुड़े रैप बनाने में मज़ा आता है, लेकिन उनकी गानों में अक्सर पुरुष प्रधान समाज का जिक्र होता है।

 

 

8. डिवाइन

विवियन फर्नांडिस ही डिवाइन के नाम से मशहूर हैं। मुंबई के इस रैपर को गाने ‘ये मेरा बॉम्बे’ से बहुत लोकप्रियता मिली थी। उनका ब्रेकआउट ट्रैक ‘मेरी गली में’, मुंबई की झुग्गी झोपड़ी पर फिल्माया गया था।

 

 

9. एसी मवाली

मुंबई स्वदेसी क्रू के सदस्य मवाली मराठी रैपर हैं। मवाली के रैप में लिंगभेद मुक्त समाज और महिलाओं के सम्मान की बात होती है। ये हनी सिंह की तरह महिलाओं को किसी चीज़ की तरह नहीं परोसते, बल्कि उनके सम्मान की बात करते हैं।

10. डोपेडलाइज्ड

एशिया के सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में रहनेवाले ये रैपर डोप संगीत बनाते है। ये रैपर मराठी के साथ साथ हिंदी और तामिल में भी रैप करते है। ये रैपर MTV कोक स्टुडियों में भी गा चुके है ।

 


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement