अरुणाचल में सुरंग बनाकर चीन को घेरेगा भारत, सीमा पर जाने में होगी आसानी

Updated on 25 Jul, 2017 at 11:25 am

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भारत-चीन सीमा पर जारी तनातनी के बीच इस खबर ने सबके कान खड़े कर दिए हैं। भारतीय प्रशासन सीमा तक बड़ी-बड़ी सुरंगें बनाने की दिशा में पहल कर रहा है। सुरंग बनने से सीमा पर पहुंचने में आसानी होगी, साथ ही चीन को घेरा जा सकेगा।

तिब्बत की सीमा तक पहुंचने के लिए गुवाहाटी से भालुकपोंग होकर तवांग तक 496 किलोमीटर का रास्ता तय करना होता है। केंद्रीय रक्षा और गृह मंत्रालय के अधिकारी बड़ी-बड़ी सुरंगें तैयार करने की योजना पर काम कर रहे हैं, जिससे अरुणाचल से लगे चीन सीमा तक आसानी से पंहुचा जा सके। सीमाई क्षेत्रों में सड़क बनाने वाले संगठन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को तवांग में दो लेन वाले एक सुरंग के निर्माण का काम सौंपा गया है।


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तवांग तक जाने के लिए खासी मशक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुरंग बन जाने से 13,700 फीट ऊंचे सेला दर्रे के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी और दूरी भी घाट जाएगी। बीआरओ ने इस योजना के लिए अरुणाचल सरकार से जमीन मांगी है।

बीआरओ से प्रोजेक्ट कमांडर आरएस राव ने पश्चिमी कामेंग की उपायुक्त सोनल स्वरूप से मुलाकात कर उन्हें जमीन की जरूरत के बारे में पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंपे। साथ ही बांग्लादेश सीमा जो असम से लगी है, उसको भी सील करने कि दिशा में काम हो रहा है।

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