जिस फाइटर प्लेन को खरीदने की हिम्मत अमेरिका में नहीं है, उस पर अब भारत बोली लगाएगा

Updated on 28 Aug, 2018 at 6:36 pm

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दुनियाभर में भारत का दबदबा बढ़ा है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। आर्थिक और सामरिक मोर्चों पर भारत ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। दुनिया के तमाम ताकतवर देश अब भारत के बढ़ते को को नजरअंदाज नहीं करते, बल्कि सच्चाई को मान रहे हैं। खासकर डोकलाम में चीन को मिली शिकस्त और पाकिस्तान अधीकृत कश्मीर में आतंकवादी कैम्पों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत का रुतबा बढ़ा है। हालांकि, यह भी सच्चाई है कि भारत के लिए दोनों पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।

 

इन दोनों पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबध बेहतर नहीं हैं!

 

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यह एक महत्वपूर्ण वजह है कि भारत अपनी सामरिक शक्ति बढ़ा रहा है। हाल के वर्षों में भारत मिलीट्री साजोसामान का बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। युद्ध क्षेत्र की एक से बढ़कर एक तकनीक हासिल करने पर जोर दिया जा रहा है।

खास बात यह है कि अमेरिका जिस फाइटर जेट की कीमत को कम करने की गुहार लगा रहा है, उसे भारत खरीदना चाहता है। अमेरिकी कंपनी के बनाए इस विमान को अमेरिकी राष्ट्रपति खुद खरीदना चाहते हैं, लेकिन महंगा होने की वजह से अमेरिकी सरकार के लिए इसे खरीदना मुमकिन नहीं हो पा रहा है।

 



दुनिया के सबसे दूसरे ताकतवर फाइटर जेट का नाम है F-18 सुपर हॉर्नेट। इस विमान को बनाया है कि बोइंग ने। इसकी कीमत 500 करोड़ रुपए के आसपास है। यह विशेष प्रकार का ट्विन इंजन फाइटर जेट है, जो अतिरिक्त इंधन भी ले जा सकता है। इस प्लेन की अधिकतम स्पीड 2 हजार किलोमीटर प्रति घंटा है।

 

 

इस विमान की खासियत ये है कि यह एयर टू एयर मिसाइल और एयर टू सरफेस मिसाइल ले जाने में सक्षम है। यह किसी भी रडार के पकड़ में नहीं आ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अपना फेवरेट फाइटर जेट बताते हैं लेकिन खरीद नहीं पा रहे हैं।

 

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बताते चलें कि अभी इस वक्त दुनिया में केवल रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स ही सुपर हॉर्नेट का विदेशी कस्टमर है।

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