अब ड्रोन से समुद्र की‍ निगरानी करेगा भारत, अमेरिका से हो सकता है बड़ा समझौता

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Updated on 7 Jul, 2016 at 4:21 pm

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भारत ने अमेरिका को अनुरोध-पत्र भेजकर गश्ती ड्रोन को खरीदने की अपनी मंशा जाहिर की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इन गश्ती ड्रोन्स का इस्तेमाल हिंद महासागर में अपनी समुद्री संपदाओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए करेगा। नई दिल्ली से वाशिंगटन भेजे गए इस पत्र में भारत ने अमेरिका को अपना ‘महत्वपूर्ण रक्षा सहयोगी’ बताया है।

इन ड्रोन्स का इस्तेमाल हिंद महासागर और मुंबई आतंकी हमले जैसी घुसपैठ रोकने के लिए किया जाएगा। वहीं, इस पत्र में समुद्र में गश्त में माहिर ‘मल्टी मिशन मेरीटाइम पैट्रोल प्रीडेटर गार्डियन यूएवी’ (मानवरहित यान) की मांग की गई है।

यह यान काफी ऊंचाई से भी व्यापक विजुअल्स देता हैं, जिससे भारत को हिंद महासागर के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों तटों की सुरक्षा करने में मदद मिलेगी।

इस गश्ती ड्रोन की खासियतों की बात करे तो, यह  50,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता रखता है। वहीं, 24 घंटों से भी ज्यादा समय तक लगातार उड़ते हुए फुटबॉल से भी छोटी वस्तु पर भी बारीकी से नजर रख सकता है।

अमेरिका को भारत ने यह पत्र मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (MTCR) में शामिल होने के बाद भेजा है। भारत ने पहले भी इन ड्रोन्स को खरीदने की अपनी इच्छा जाहिर की थी, लेकिन अमेरिका ने अपनी सहमति नहीं दी थी।

इस महीने की शुरुआत में भारत को MTCR की सदस्यता मिल जाने के बाद अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर गौर करना शुरू कर दिया है और अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले चरण में अमेरिका इसे स्वीकृति दे सकता है।


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