अब 15 देशों को ब्रह्मोस मिसाइल और युद्धपोत बेचेगा भारत

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Updated on 10 Jun, 2016 at 2:46 pm

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चीन की चिन्ताओं को दरकिनार कर अब भार 15 देशों को ब्रह्मोस मिसाइल और युद्धपोत बेचने की योजनाएं बना रहा है।

बताया गया है कि भारत सरकार ने मिसाइल बनाने वाली कम्पनी ब्रह्मोस एरोस्पेस से मिसाइल मंगाए हैं, जिससे कि पांच देशों को आधुनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली ब्रह्मोस बेचने के काम में तेजी लाई जा सके जिसमें वियतनाम प्रमुख है। अन्य चार देशों में इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, चीली और ब्राजील हैं।

भारत द्वारा मिसाइल और युद्धपोत बेचने की कवायद को बड़े बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। सुपरसॉनिक मिसाइल ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है। फिलहाल भारत सैन्य हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है। लेकिन नरेन्द्र मोदी की सरकार नए रक्षा साझेदार खोजने के साथ ही राजस्व बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

माना जा रहा है कि चीन की आशंकाओं की वजह से ही भारत अब तक वियतनाम को ब्रह्मोस नहीं बेच रहा था।

चीन की सरकार आवाज की गति से तीन गुना तेज और दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को अस्थिरता पैदा करने वाले हथियार के तौर पर देखती रही है। और यही वजह थी कि भारत अब तक वियतनाम को यह हथियार देने से कतरा रहा था।

अब बदलते हालात में भारत वियतनाम को ब्रह्मोस से सुसज्जित युद्धपोत बेचने पर भी विचार कर रहा है।

भारतीय युद्धपोतों की आठ से सोलह ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने की क्षमता है, जबकि छोटे जहाज दो से चार मिसाइल रख सकते हैं।


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