“अगले 10 सालों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश होगा भारत”

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Updated on 18 Oct, 2017 at 5:36 pm

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अगले 10 साल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनकर दुनिया के सामने खड़ा होगा। ऐसा होने के मुख्य कारक डिजिटलीकरण, अनुकूल जनसांख्यिकी, वैश्वीकरण और सरकार की ओर से किए गए सुधार होंगे। यह संभावना वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट में जताई है।

मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि 2026-27 तक भारत की अर्थव्यवस्था 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (6 हजार अरब डॉलर) की हो जाएगी, जो कि दुनिया की तीसरे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।

कंपनी ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले दशक में भारत की सालाना जीडीपी (सकल घरेलु उत्पाद) बढ़ोतरी दर 7.1 फीसदी से 11.2 फीसदी के बीच रहेगी। वहीं, देश में एफडीआई (विदेशी निवेश) बढ़कर 12,000 करोड़ डॉलर यानी 7,80,000 करोड़ रुपए दर्ज की जाएगी।

मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, आने वाले दशक में भारत का डिजिटलीकरण अभियान जीडीपी वृद्धि दर में 50 से 75 आधार अंकों का उछाल देखेगा।

मॉर्गन स्टेनली ने अपने शोध में पाया है कि भारत की GDP बढ़ोतरी का रूख लगातार आगे बढ़ने वाला रहा है। 1990 के दशक में यह 5.8 फीसदी रहा, जो 2000 के दशक में बढ़कर 6.9 फीसदी हो गया। इसी तरह अगले दशक में भी इसके बेहतर रहने की संभावना है। मॉर्गन स्टैनली के इंडिया हेड रिद्धम देसाई ने कहा-

“हमें उम्मीद है कि डिजिटलीकरण जीडीपी की वृद्धि दर को 0.5-0.75 फीसद तक बढ़ा देगा। हमारा पूर्वानुमान है कि 2026-27 तक भारत की अर्थव्यवस्था 6 खरब डॉलर की ओर बढ़ेगी और उच्च मध्यम आय की स्थिति हासिल कर लेगी। आने वाले दशक में भारत की वास्तविक और सांकेतिक जीडीपी की सालाना वृद्धि दर क्रमश: 7.1 फीसद और 11.2 फीसद हो जाएगी।”

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसद के स्तर पर आंकी गई थी, जो कि तीन साल का सबसे निचला स्तर रहा । इसकी प्रमुख वजह नोटबंदी के कारण विनिर्माण गतिविधियों में आई सुस्ती को बताया गया। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारों की वजह से पिछला साल भारत की जीडीपी वृद्धि के लिए मुश्किलों वाला रहा है, हालांकि मध्यम अवधि में देश की बढ़ोतरी की संभावनाएं बेहतर हैं।


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