चीन के OBOR के जवाब में भारत बनाने जा रहा है 7200 किलोमीटर का लम्बा कॉरिडोर

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Updated on 2 Oct, 2017 at 6:43 pm

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चीन के OBOR के जवाब में भारत अब ईरान के चाबहार पोर्ट से 7200 किलोमीटर लंबे इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ कॉरिडोर (INSTC) का निर्माण करने जा रहा है।

इससे भारत की सेंट्रल एशियाई देशों (कजाकिस्तान, किर्गीजस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान), रूस और यूरोप तक पहुंच हो जाएगी।

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आपको बता दें कि चीन, पाक के ग्वादर पोर्ट से शिनजियांग तक चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का निर्माण करवा रहा है,  जो पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरेगा। ये कॉरिडोर चीन के OBOR प्रोजेक्ट यानी कि वन बेल्ट वन रोड पॉलिसी का हिस्सा है। इसके तहत चीन पड़ोसी देशों के अलावा यूरोप को सड़क से जोड़ेगा। चीन इससे दुनिया के कई पोर्ट्स से भी जुड़ जाएगा।

चीन से पाकिस्तान के बीच बने CPEC की कुल लंबाई करीब 3000 किलोमीटर आंकी गई है। इसके मुकाबले INSTC की लंबाई 7200 किलोमीटर होगी। भारत CPEC को लेकर अपना विरोध कई बार जताता रहा है। कॉरिडोर पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से गुजरेगा, तो इससे देश कि सुरक्षा को खतरा होने का अंदेशा लगाया जा रहा है।



इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) की स्थापना 12 सितंबर 2000 को सेंट पीटर्सबर्ग में ईरान, रूस और भारत ने की थी। इसका मकसद सदस्य देशों के बीच यातायात कि सुविधा और ट्रांसपोर्टेशन की मदद को बढ़ाना है।

इस दिशा में कार्य करते हुए भारत चाबहार से अफगानिस्तान की सीमा से लगे शहर जरांज तक 883 किलोमीटर की सड़क का निर्माण करा चूका है। इस सड़क को 2009 में भारत के बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने बनाया था।


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