आपत्तिजनक उत्पादों की लिस्ट इतनी लंबी है कि इन सबको हटाने के लिए मुहीम शुरू करनी होगी

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Updated on 2 Sep, 2017 at 7:23 pm

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के कड़े तेवर देख ई कॉमर्स कंपनी अमेजन की कनाडा स्थित साखा ने भारतीय तिरंगे वाले पायदानों को अपनी साईट से हटा तो जरूर लिया है, लेकिन भारतीय तिरंगे और देवी-देवताओं वाले आपत्तिजनक उत्त्पादों की लिस्ट इतनी लंबी है कि इन सबको हटाने के लिए सरकार को एक मुहीम शुरू करनी होगी।

यह पहली दफा नहीं है, जब किसी ई कॉमर्स कंपनी द्वारा अपने उत्त्पादों कि बिक्री के लिए भारतीय तिरंगे और देवी-देवताओं का आपत्तिजनक तरीके से पायदान, चप्पलों, अंडरवियर आदि में इस्तेमाल किया गया हो। अफ़सोस की बात यह है कि इन उत्पादों की बिक्री रुकने की कोई उम्मीद नहीं है, क्योकि सभी ई कॉमर्स कम्पनियां अमेजन जैसी नहीं हैं, जिनका कारोबारी हित भारत से जुड़ा हो या वे देश कि सरकार के दबाव में आ जाएं। साथ में कानूनी तौर पर भी सरकार विवश है, क्योंकि भारतीय कानून के पास यह अधिकार नहीं है कि वह दूसरे देशों में इन उत्त्पादों कि बिक्री में हस्तक्षेप कर सके। 

भारतीय प्रतीकों का आपत्तिजनक उत्पादों पर इस्तेमाल करने पर विवाद उठने के बाद अमेजन ने भारतीय तिरंगे वाले पायदान बेचने के विज्ञापन पर खेद जताते हुए एक माफीनामा लिख भेजा। इसमें विदेश मंत्रालय को लिखे एक पत्र में माफी मांगते हुए सफाई पेश की और तत्काल इस उत्पाद को अपनी साइट से हटा लिया। इस पत्र में अमेजन ने लिखा कि कंपनी भारतीय परंपराओं और कानून का सम्मान करती है। साथ ही यह भी बताया कि यह उत्पाद भारत में बेचने के लिए नहीं था, इसे थर्ड पार्टी द्वारा कनाडा में बेचने के लिए रखा गया था। यह बात तो साफ है कि थर्ड पार्टी या अन्य देशों में यह उत्पाद अब भी बिक्री के लिए तैयार हैं। इस पर अंकुश कैसे लगाना है? यह सरकार के लिए चिंता का विषय है। क्योंकि इस विवाद के ठीक दो दिन बाद एक बार फिर अमेजन पर भारतीय प्रतीकों को गलत तरीके से पेश करने का मामला सामने आया।

इस बार अमेजन भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर वाली चप्पलें बेच रही है। और ऐसा सिर्फ़ अमेजन ही नहीं, बल्कि कई ई कॉमर्स कंपनियां कर रही हैं।

अमेरिका की कफेप्रेस डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर भारतीय तिरंगे वाले कम से 22 तरह की डिजाइन के अंडरवियर आप खरीद सकते हैं। महिलाओं के इन अंत:वस्त्रों पर भारत के नक्शे वाले तिरंगे भी हैं और अशोक चिह्न वाले तिरंगे भी बेचे जा रहे हैं। कुछ पर आइ लव माय इंडिया और 100 फीसद इंडियन जैसे देशभक्ति वाले नारे भी लिखे हैं।

यही नहीं, कंपनी ग्राहकों को भारतीय तिरंगे के साथ अपना कोई पसंदीदा नारा लिखवाने का विकल्प भी देती है। इन सभी अंत:वस्त्रों की कीमत 14.99 डॉलर प्रति यूनिट है। इस साइट पर भारतीय तिरंगे वाले चप्पल भी हैं। भारत व अमेरिका की दोस्ती को प्रदर्शित करने वाली चप्पलें भी हैं। इनमें एक पैर के चप्पल पर भारतीय तिरंगे का डिजाइन है, जबकि दूसरे पैर में अमेरिकी फ्लैग का डिजाइन बना है।

जानकारों की मानें तो कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दर्जनों ऐसी छोटी-छोटी ई-कॉमर्स साइट हैं, जो भारत से जुड़े सामान की बिक्री करती हैं। इनमें तिरंगे वाले कप, प्लेट, तकिया, चश्मे, टी-शर्ट के साथ ही अंडर गार्मेंट, चप्पलों व कैनवास शूज की बिक्री भी होती है। अमूमन इन्हें खरीदने वाले भारतीय ही होते हैं। वैसे इन साइटों पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र वाले आपत्तिजनक उत्पादों की आपूर्ति पर बवाल तो हो जाता है, लेकिन आमतौर पर ग्राहक तिरंगे वाले इन उत्पादों को स्वीकार कर लेते हैं।

इसकी एक वजह यह भी है कि इन देशों में दूसरे देशों के राष्ट्रीय ध्वज वाले उत्पादों की बिक्री पर कभी हो-हल्ला नहीं होता। विदेश मंत्री स्वराज की आपत्ति के बाद अमेजन कनाडा ने भले ही भारतीय तिरंगे वाले पायदान हटा लिए हैं, लेकिन ऐसे आपत्तिजनक समान पर पूर्णतः नियंत्रण कैसे हासिल हो, उसके लिए नई नीतियां बनाने की जरूरत है, साथ ही कानून में सुधार भी।

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