WTO में सोलर पैनल विवाद पर अमेरिका से हारा भारत, जानिए क्या होगा असर

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Updated on 18 Sep, 2016 at 11:31 am

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सोलर पैनल विवाद के मामले में भारत को करारा झटका लगा है। वर्ष 2011 में भारत ने अपने सौर नीति के तहत घरेलू सामग्री को अनिवार्य बनाया था।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चल रहे इस मामले में भारत ने दलील दी थी कि राष्ट्रीय सौर मिशन के चलते उसके सोलर उत्पादों के निर्यात में 90 फीसदी की गिरावट आई है।

इसी साल फऱबरी महीने में WTO के पैनल ने भारत की इस दलील को मानने से इन्कार करते हुए भारत के खिलाफ निर्णय दे दिया था। भारत ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसमें इसे WTO ने दोबारा झटका दिया है। अमेरिका ने वर्ष 2014 में भारत को WTO में खींचा था।

यह होगा असर


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अब भारत सरकार को सोलर पैनल की सोर्सिंग से जुड़े नियमों को WTO के अनुरूप बनाना होगा। ताजा फैसले से भारत के घरेलू सोलर उत्पाद निर्माताओं को नुकसान होगा, क्योंकि अब भारत में बने सेल व मॉड्यूल्स की जरूरत नहीं रहेगी। अब तक सौर ऊर्जा सामग्री निर्माताओं के लिए भारत में बने सेल व मॉड्यूल्स का इस्तेमाल आवश्यक था।

सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच विवाद लंबे समय से रहा है। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसी ही घरेलू सामग्री अनिवार्यता के खिलाफ भारत ने कुछ दिन पहले ही अमेरिका के आठ राज्यों को WTO में घसीटा है।

अपनी शिकायत में भारत ने आरोप लगाया है कि ये राज्य घरेलू सामग्री पर भारी सब्सिडी भी देते हैं।

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