युद्ध की किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है देश, 20 हजार करोड़ की इमरजेंसी डील फाइनल

author image
Updated on 6 Feb, 2017 at 3:00 pm

Advertisement

देश की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की कवायद में जुटी भारत सरकार ने एक बड़ा सौदा किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की इस रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र ने युद्ध जैसी किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये की इमरजेंसी डील को अंतिम रूप दे दिया है। इस डील को सरकार ने पिछले दो-तीन महीनों में फाइनल किया है।

इस डील का मकसद परोक्ष या अपरोक्ष रूप से युद्ध जैसी परिस्थिति से निपटने के लिए सेना को कम समय में फाइटर्स, टैंक्स, इन्फैंट्री और वॉरशिप जैसी युद्ध सामग्री उपलब्ध कराना है।

अखबार ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस डील के पीछे सरकार का उद्देश्य यह तय करना भी है कि भारतीय सेना गोला-बारूद की चिंता किए बिना कम से कम 10 दिनों तक बड़ी से बड़ी जंग लड़ सके। इसके लिए रूस, फ्रांस और इस्राइल की कंपनियों को कॉन्‍ट्रेक्‍ट दिए गए हैं।


Advertisement

गौरतलब है कि सरकार ने उरी हमले के बाद से रूस, इजरायल और फ्रांस के साथ नए करारों को तेजी से अंतिम रूप दिया है।

युद्ध की आपात स्थिति में सेना के भंडार में किसी भी कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने तीनों सेनाओं के वाइस चीफ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है।

खबर के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने 9200 करोड़ रुपए के 43 करार साइन किए हैं, वहीं थल सेना ने रूस की कंपनियों के साथ 10 करार को अंतिम रूप दिया है। सेना ने रूसी कंपनियों के साथ 5,800 करोड़ रुपए के 10 करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत APFSDS के लिए 125 इंजन और टी-20 तथा टी-72 टैंक के लिए गोला बारूद खरीदा जाएगा।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement