भारतीय क्रिकेटरों का DNA टेस्ट, फिटनेस के मामले में अव्वल होगी टीम इंडिया!

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Updated on 28 Aug, 2018 at 6:39 pm

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने अपने क्रिकेटरों के फिटनेस स्तर को उच्च बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। टीम इंडिया के फिटनेस लेवल को और ज्यादा आगे ले जाने के लिए बोर्ड अब खिलाडियों का DNA टेस्ट करा रहा है।

 

 

इस डीएनए टेस्ट/जेनेटिक फिटनेस टेस्ट के जरिए प्रतयेक खिलाड़ी के जेनेटिक डाटा का पता चल सकेगा, जिससे हर क्रिकेटर के लिए अलग-अलग फिटनेस प्लान बनाकर टीम की फिटनेस को सुधारा जाएगा।

दरअसल, इस टेस्ट से फिटनेस, स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित तथ्यों के बारे में पता किया जा सकता है। इस टेस्ट के नतीजों से खिलाड़ियों की फैट बर्निंग क्षमता, मांसपेशियों की मजबूती, रिकवरी टाइम आदि का पता चलता है। इसी के आधार पर डाइट और ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया जाता है।


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डीएनए टेस्ट शरीर की क्षमताओं का पता लगाने में कारगर है। किस खिलाड़ी को कैसा खाना लेना चाहिए, अपने शरीर के अनुरूप कौन सी कसरत करनी चाहिए, इसके रिजल्ट से यह सब तय करने में आसानी होती है।

टेस्ट की शुरुआत BCCI ने टीम के ट्रेनर शंकर बासु की सलाह पर की है।

Shankar-Basu

विराट कोहली के साथ फिटनेस ट्रेनर शंकर बासु newshub

हर खिलाड़ी को 23 फीसदी के आस-पास अपना बॉडी फैट परसेंटेज रखना होता है। इसी जरूरत के लिहाज से उसका डाइट चार्ट और एक्सरसाइज रूटीन का कार्यक्रम तैयार किया जाता है। हर खिलाड़ी के ऊपर इस टेस्ट के लिए 25-30 हजार रुपए का खर्च आता है।

BCCI के एक सीनियर अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बतायाः

“हां, हमने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पिछले कुछ समय से डीएनए टेस्ट शुरू किया है। यह फिटनेस के नए मापदंडों के अनुसार किया जा रहा है, जिन्हें टीम प्रबंधन ने तय किया है। डीएनए परीक्षण सबसे पहले अमेरिका में एनबीए (बास्केटबॉल) और एनएफएल में शुरू किए गए। शंकर बासु ने यह आइडिया दिया और यह काफी लाभकारी साबित हुआ है। प्रत्येक खिलाड़ी के परीक्षण में BCCI को 25 से 30 हजार रुपए के बीच खर्च करना पड़ रहा है जो कि काफी कम धनराशि है।”

यक़ीनन जैसा कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पहले ही अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान देते हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि BCCI ने ये निर्णय कप्तान विराट कोहली के फिटनेस के मामले में किसी तरह का समझौता न करने की प्रवृत्ति को देखकर लिया है, जिससे टीम फिटनेस के मामले में नए मानक स्थापित कर सके।

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