MTCR में आज शामिल होगा भारत, अब दूसरे देशों को बेच सकेगा मिसाइल तकनीक

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Updated on 27 Jun, 2016 at 12:13 pm

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भारत को भले परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के समूह (NSG) में शामिल होने में नाकामी हाथ लगी है, लेकिन मिसाइल के मामले में चीन और पाकिस्तान से आगे निकल गया है।

भारत सोमवार को मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) में औपचारिक तौर पर शामिल हो जाएगा। भारत ने पिछले साल MTCR  की सदस्यता के लिए आवेदन किया था।

विदेश सचिव एस जयशंकर सोमवार को फ्रांस, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग के राजदूतों की मौजूदगी में इस क्लब में शामिल होने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे।

MTCR का सदस्य बनने के साथ ही भारत मिसाइल के मामले में सुपर पावर बनकर उभरेगा।

भारत को प्रमुख उत्पादक देशों से अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और मॉनीटरिंग सिस्टम खरीद में मदद मिलेगी। भारत के लिए अमेरिका से ड्रोन तकनीकी लेना सरल हो जाएगा। यही नहीं, भारत अब मिसाइल तकनीक का निर्यात भी कर सकेगा।


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इसी क्रम में भारत 15 देशों को ब्रह्मोस मिसाइल बेचने की योजनाएं बना रहा है।

भारत सरकार ने मिसाइल बनाने वाली कम्पनी ब्रह्मोस एरोस्पेस से मिसाइल मंगाए हैं, जिससे कि पांच देशों को आधुनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली ब्रह्मोस बेचने के काम में तेजी लाई जा सके जिसमें वियतनाम प्रमुख है। अन्य चार देशों में इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, चीली और ब्राजील हैं।

MTCR में शामिल होने के बाद भारत के हेग आचार संहिता में शामिल होने की दावेदारी को मजबूती मिलेगी। यह संहिता बैलेस्टिक मिसाइल अप्रसार संधि की निगरानी करती है। इसके साथ ही रूस के साथ हमारी साझा कोशिशों को बल मिलेगा।


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