धोनी का खेल तो और विस्फोटक होता जा रहा है….कहां गए आलोचक!

Updated on 27 Apr, 2018 at 5:49 pm

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महेन्द्र सिंह धोनी महज एक क्रिकेटर का नाम नहीं है, बल्कि उस जज्बे का नाम है, जो जीत को एक झटके में अपनी झोली में करने की कुव्वत रखता है। बाहर से शांत दिखने वाले इस शख्स ने क्रिकेट की दशा को ठीक ही नहीं किया, बल्कि एक नई दिशा दी। ये कह सकते हैं कि धोनी विकेटकीपर, कप्तान, बल्लेबाज, पिता, पति आदि सभी भूमिका में जबर्दस्त हैं। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने से लेकर 2011 वर्ल्ड कप जीतने तक धोनी ने बार-बार खुद को साबित किया है। इतना ही नहीं, उसके बाद भी वे लगातार डटे हुए हैं!

 

 

हारते हुए मैच को लीड करते हुए छक्के के साथ जीतना तो इनका सिग्नेचर स्टेप बन गया है। मैदान पर खेलते हुए जैसा संघर्ष और जुनून धोनी में दिखता है, वो विरले खिलाड़ियों में ही नजर आता है।

ऐसे में उम्र के 36वें साल में जब ये आ गए हैं तो उनके बार में कई भविष्यवाणियां कर दी जाती हैं। मसलन, अब वे 2019 के वर्ल्ड कप में नहीं चलेंगे, युवा खिलाड़ियों को मौक़ा देना चाहिए आदि-आदि। लेकिन धोनी में आज भी वही जज्बा बरकरार है। वो आज भी मैदान पर यंग क्रिकेटरों से ज्यादा ऊर्जा के साथ देखे जाते हैं।

 

फिर दिखाया मैदान पर चमत्कार

बुधवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़िलाफ़ खेलते हुए धोनी ने फिर चमत्कार दिखाया है। सीएसके को अंतिम ओवर में 16 रन चाहिए थे और ब्रावो ने तीन गेंदों में 11 रन बना लिए थे। जब टीम को 3 गेंदों में 5 रन चाहिए थे तो धोनी ने छक्का मारकर चेन्नई की झोली में जीत डाल दी। ऐसा कर उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप की याद को फिर से ताजा कर दिया। इस मैच में शानदार पारी खेलते हुए धोनी ने 34 बॉल में 7 छक्के और एक मात्र चौके के दम पर 70 रन बनाए।


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उसी मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की पारी के दौरान बॉल से पहले बाउंड्री पर पहुंचकर उन्होंने चौका रोका तो वहीं कई दफा फील्डिंग करते युवाओं की प्रेरणा बनते दिखे।

 

 

उनके खेल का एक वाकया बरबस याद आता है कि जब 23 मार्च, 2016 बेंगलुरु में टी-20 वर्ल्डकप सेमीफ़ाइनल खेला जा रहा था। भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 146 रन बनाए और बांग्लादेश की टीम 147 बनाने के लिए खेल रही थी। वे 11 रन के लिए अंतिम ओवर खेल रहे थे। उस मैच में धोनी ने मुस्तफ़िज़ुर रहमान को स्टंप आउट कर भारत को एक रन से मैच जीत दिलाई थी।

 

ऐसे अनेक मौके हैं कि जब धोनी ने अपने दम पर मैच जिताए हैं….इनको सलाम!

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