लालू यादव के राजनीति के अंत की शुरुआत हैं ये आयकर छापे !

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Updated on 16 May, 2017 at 2:44 pm

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राजद नेता लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर बेनामी संपत्ति के मामले में आयकर शिकंजा कसता जा रहा है। लालू परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति से जुड़े शिकायत के मामले में कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने दिल्ली सहित 22 जगहों पर एक साथ छापेमारी गई है। इसी सिलसिले में राजद के राज्यसभा सांसद प्रेमचंद गुप्ता के आवास पर भी छापेमारी की गई है। लालू यादव बिहार के करोड़ों रुपए के चारा घोटाले के आरोपी हैं और एक मामले में सजा पाने के बाद जमानत पर चल रहे हैं।

क्या हैं आरोप ?

लालू प्रसाद की बड़ी बेटी मीसा भारती पर देश की राजधानी दिल्ली में करोड़ों रुपए कीमत की ज़मीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगा है। आरोप है कि मीसा भारती ने अपने पति के साथ मिलकर शेल कंपनियों के ज़रिए यह ज़मीन खरीदी थी। मीसा भारती पर चुनाव आयोग को दिए अपने एफिडेविट में अपनी कई संपत्तियों का जिक्र नहीं करने का भी आरोप लगा है। इसके अलावा बिहार के भाजपा नेता सुशील मोदी ने लालू के पुत्र तेजप्रताप पर अवैध तरीके धन कमाने के आरोप लगाए हैं। मोदी का आरोप है कि लालू प्रसाद के परिवार ने डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, तथा एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी फर्ज़ी कंपनियों के ज़रिए 1,000 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जमा की है।


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सुशील मोदी के आरोपों के बाद केन्द्र सरकार लालू पर कार्रवाई को लेकर दबाव में थी। लालू प्रसाद यादव पर कार्रवाई न होने की स्थिति में यह संदेश जाता कि भारतीय जनता पार्टी में ही लालू समर्थक उन्हें बचा रहे हैं।



किस करवट बैठेगी राजनीति ?

जेल में बंद माफिया डॉन शहाबुद्दीन के साथ फोन पर लगातार बातचीत का टेप आने के बाद लालू बैकफुट पर थे। वहीं, लालू परिवार के खिलाफ एक बाद एक खुलासों का असर बिहार की महागठबंधन सरकार पर पड़ना भी तय माना जा रहा है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि लालू परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।

बिहार भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार को दोबारा सोचना चाहिए क्योंकि वे ऐसे लोगों के साथ सरकार कैसे चला सकते हैं जो घोटालों, भ्रष्टाचार में शामिल हैं।


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