गंगा को प्रदूषित करने वाले भेजे जाएंगे जेल, सशस्त्र बल की होगी तैनाती

Updated on 12 Sep, 2018 at 1:03 pm

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सरकार के लाख जतन के बाद भी देवनदी गंगा की स्वच्छता एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इस बीच, अनेक अभियान चलाए गए हैं, लेकिन गंगा को प्रदूषणमुक्त नहीं किया जा सका है। मानवीय आदतों की वजह से यह एक नासूर की तरह हो गया है, जिसका समाधान नहीं दिख रहा है। लिहाजा सरकार अब कठोर कदम उठाने की दिशा में सोच रही है। अगर ऐसा हुआ, तो पवित्र नदी को गंदा करने वालों की खैर नहीं होगी।

 

सरकार अब सशस्त्र बल का एक दल गंगा की निगरानी में लगाने पर विचार कर रही है!

 

Ganga Ghat of Varanasi (बनारस का गंगा घाट)

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इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो जल संसाधन मंत्रालय व नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्रालय शीघ्र ही सशस्त्र बल को गिरफ्तारी का अधिकार देगी। गंगा को दूषित करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसको लागू करने से पहले मंत्रालय इस पर ठीक से विचार कर लेना चाहती है। लिहाजा प्रस्ताव को कई स्टेक होल्डर्स के पास भेजकर उनसे विचार आमंत्रित किया गया है। बता दें कि इसमें अपराध की कई श्रेणियां सुनिश्चित की गई है।

 

 



प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया है कि नदी के मार्ग में निर्माण गतिविधि सहित नदी से लगे भूमि से व्यापारिक उपयोग के लिए भूमिगत जल को निकालना अपराध माना जाएगा। इस अपराध के लिए दो साल की जेल या 50 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान रह सकता है। वहीं, गंगा व इसकी सहायक नदियों में व्यापार के लिए मत्स्य पालन भी अपराध माना जा सकता है। इसके लिए भी दो साल की जेल या 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

 

 

वहीं, अगर कोई गंगा को दूषित करने का दोषी पाया जाता है तो उसे दंडित किया जाएगा और 5 साल की जेल अथवा 50,000 रुपये देने पड़ेंगे। स्थिति की भयावहता ही ऐसी है कि दोषारोपण करना और दोषी दंडित करना बेहद मुश्किल हो सकता है। लिहाजा इस काम के लिए जवान तैनात किए जाएंगे।

 

 


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आशा है, आने वाले दिनों में गंगा स्वच्छ और निर्मल बन सकेगी!

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