अब बहू की कुंडली नहीं, बल्कि डिग्री देखी जाएगी! इस विश्वविद्यालय ने शुरू किया ‘पर्फेक्ट बहू कोर्स’

11:53 pm 18 Sep, 2018

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समय के साथ भारतीय जीवनशैली में एक बड़ा परिवर्तन आ चुका है। मूल्यों के स्तर पर देखा जाए तो आज पुरानी और नई पीढ़ी के बीच एक लंबा फासला बन गया है। हालांकि समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो इन बदलते हुए मूल्यों को स्वीकार कर रहा है, लेकिन फिर भी  मौजूदा समय में सामाजिक और नैतिक मूल्यों में बदलाव की ज़रूरत महसूस की जा रही है। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों की बात करें तो मूल्यों के स्तर पर आज पुरानी और नई पीढ़ी के बीच एक लंबा फासला आ चुका है, जिसे कम करने की दरकार है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब एक निजी विश्वविद्यालय ने ‘पर्फेक्ट बहू कोर्स’ शुरू किया है।

 

 

सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों में सुधार लाने के लिए राजधानी भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी अब कुछ ऐसा ही कोर्स कराने जा रही है। यही वजह है कि आज कल ये विश्वविद्याल सुर्खियों में बनी हुई है।

जी हां, अब इस यूनिवर्सिटी में परिवारों को टूटने से बचाने के लिए परफेक्ट बहू-पति का कोर्स कराया जाएगा।

 


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इस सर्टिफिकेट कोर्स को करने के बाद लड़कियां ‘आदर्श पत्नी’ और लड़के ‘आदर्श पति’ बन कर एक बेहतर समाज की रचना करने में अपना सहयोग देंगे। हालांकि, सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर कराए जाने वाले इस कोर्स का नाम अब तक तय नहीं किया जा सका है। यानी मतलब साफ है कि अब संस्कारी दुल्हन और आदर्श दूल्हे के लिए कुंडली नहीं, बल्कि सर्टिफिकेट देखने की ज़रूरत पड़ेगी।

 

 

विश्वविद्यालय की माने तो महिला सशक्तिकरण की दिशा में ये एक अहम कदम साबित हो सकता है, वहीं इसके आलोचकों का कहना है कि मौलिक समस्याओं के बारे में सोचे बिना इस तरह के व्यवहारिक बदलाव की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। 3 महीने के इस सर्टिफिकेट कोर्स का पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू किया जाएगा।

बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी का कहना कि इस कोर्स की शुरुआत करने का मकसद लड़कियों को जागरूक करना है, जिससे वह शादी के बाद बदले हुए माहौल में खुद को ढाल सकें।

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